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Bengal: शुभेंदु सरकार के 'गुंडा नियंत्रण बिल' को मिला बागी सांसदों का साथ, इसके पीछे क्या है सरकार की मंशा?
Mon, 29 Jun 2026 03:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 29 Jun 2026 03:25 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के गुंडा नियंत्रण बिल की खूब चर्चा है। शुभेंदु सरकार की ओर से पेश किए गया यह विधेयक विधानसभा में पारित हो गया। बंगाल के बागी सांसदों ने भी इस विधेयक का समर्थन कर दिया है। इस बिल की मदद से राज्य में गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
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शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए एक नया विधेयक विधानसभा में पेश किया। यह बिल है 'द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल 2026'। जिसे गुंडा नियंत्रण विधेयक भी कहा जा रहा है। सोमवार को ही इस बिल को विधानसभा में पेश किया गया था।
इस बिल को लाने के पीछे क्या है सरकार की मंशा?
बंगाल सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून राज्य में असामाजिक तत्वों और दंगाइयों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए सरकार ने गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नया बिल लाने का फैसला किया है। इस विधेयक के तहत अवैध खनन, रेत खनन और वन्यजीवों से जुड़े अपराध भी शामिल किए जाएंगे। राज्य सरकार ने कहा है कि कोई आदतन अपराधी है और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है तो उसे गुंडा माना जाएगा।
इस विधेयक से पुलिस को मिलेगी ज्यादा पॉवर
नए विधेयक से पुलिस को ज्यादा पॉवर मिलने की बात कही जा रही है। एसपी रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी की रिपोर्ट पर किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकेगा। इतना ही नहीं पुलिस किसी व्यक्ति को अगर जन सुरक्षा के लिए खतरनाक मानती है तो उसे बिना मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रखा जा सकेगा।
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बागी सांसदों का भी मिला साथ
बंगाल के बागी सांसदों ने भी नए विधेयक का समर्थन किया है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल को लेकर कहा कि 'मैं इस विधेयक का समर्थन करती हूं। यह विधेयक असामाजिक तत्वों के खिलाफ लाया जा रहा है।' एयूजेपी विधायक हुमायूं कबीर ने नए विधेयक पर कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूं और यह राज्य के लोगों की भलाई के लिए लाया जा रहा है।
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इस बिल को लाने के पीछे क्या है सरकार की मंशा?
बंगाल सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून राज्य में असामाजिक तत्वों और दंगाइयों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए सरकार ने गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नया बिल लाने का फैसला किया है। इस विधेयक के तहत अवैध खनन, रेत खनन और वन्यजीवों से जुड़े अपराध भी शामिल किए जाएंगे। राज्य सरकार ने कहा है कि कोई आदतन अपराधी है और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है तो उसे गुंडा माना जाएगा।
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इस विधेयक से पुलिस को मिलेगी ज्यादा पॉवर
नए विधेयक से पुलिस को ज्यादा पॉवर मिलने की बात कही जा रही है। एसपी रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी की रिपोर्ट पर किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकेगा। इतना ही नहीं पुलिस किसी व्यक्ति को अगर जन सुरक्षा के लिए खतरनाक मानती है तो उसे बिना मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रखा जा सकेगा।
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बागी सांसदों का भी मिला साथ
बंगाल के बागी सांसदों ने भी नए विधेयक का समर्थन किया है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल को लेकर कहा कि 'मैं इस विधेयक का समर्थन करती हूं। यह विधेयक असामाजिक तत्वों के खिलाफ लाया जा रहा है।' एयूजेपी विधायक हुमायूं कबीर ने नए विधेयक पर कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूं और यह राज्य के लोगों की भलाई के लिए लाया जा रहा है।