CM फडणवीस पर क्यों मेहरबान हुए उद्धव ठाकरे?: बोले- हम करेंगे समर्थन, ऑपरेशन टाइगर को बताया ऑपरेशन देवेंद्र
क्या महाराष्ट्र की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव होने जा रहा है? क्या उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच सियासी रिश्तों में नरमी आ रही है? आखिर उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन देने की बात क्यों कही? साथ ही, 'ऑपरेशन टाइगर' को 'ऑपरेशन देवेंद्र' बताकर उन्होंने किस ओर इशारा किया? आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...
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विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर बड़ा बयान दिया है। इससे सियासी गलियारों में नई चर्चा भी छिड़ गई। शिर्डी में एक कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर देवेंद्र फडणवीस भविष्य में प्रधानमंत्री पद का दावा करते हैं, तो उनकी पार्टी उनका समर्थन करेगी। ठाकरे ने खुद को फडणवीस का शुभचिंतक बताते हुए कहा कि वह उनके दुश्मन नहीं हैं।
एक तरफ जहां उनके सांसदों को तोड़ा जा रहा। वहीं, दूसरी ओर उद्धव सीएम देवेंद्र की तारीफ कर रहे। उद्धव ठाकरे ने प्रेस वार्ता में कहा कि अगर महाराष्ट्र का कोई नेता प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में आता है, तो उनकी पार्टी उसका समर्थन क्यों नहीं करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि फडणवीस अभी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पेश करते हैं, तो भाजपा के भीतर यह उनके लिए राजनीतिक आत्महत्या साबित हो सकता है।
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फडणवीस पर क्यों मेहरबान हुए उद्धव ठाकरे?
- माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के इस बयान के पीछे कई राजनीतिक संदेश छिपे हैं। एक ओर वह यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक है। दूसरी ओर, वह भाजपा के भीतर संभावित शक्ति संतुलन और अंदरूनी राजनीति को भी मुद्दा बनाना चाहते हैं। इतना ही नहीं इससे वो अपनी मराठी फर्स्ट वाली नीति को भी फिर से जगाना चाह रहे हैं।
- पिछले कुछ दिनों में शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के पार्टी छोड़कर उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरों के बीच उद्धव ने फडणवीस को लेकर नरम रुख दिखाया है। 'मैं फडणवीस का दुश्मन नहीं, बल्कि शुभचिंतक हूं' कहकर उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और फडणवीस के रिश्तों पर भी सवाल खड़े करने की कोशिश की है।
ऑपरेशन टाइगर को ऑपरेशन देवेंद्र क्यों बता रहे उद्धव?
उद्धव ठाकरे ने हाल ही में दावा किया था कि महाराष्ट्र में जिस ऑपरेशन टाइगर की चर्चा हो रही है, वह वास्तव में ऑपरेशन देवेंद्र है। उनके मुताबिक, इसे ऑपरेशन टाइगर इसलिए कहा गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक कद को सीमित कर दिया जाए। ठाकरे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि फडणवीस भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल न हो सकें। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी योजना फडणवीस के पंख कतरने के लिए बनाई गई है।
क्या सांसदों के दल-बदल के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति?
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में जाने के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका है। उन्होंने कहा कि इन राजनीतिक घटनाक्रमों का उद्देश्य महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन बदलना है। हाल ही में शिर्डी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। इसके बाद राज्य में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। ठाकरे का आरोप है कि इन घटनाओं का संबंध भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है।
देवेंद्र फडणवीस ने इन अटकलों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन तमाम अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें महाराष्ट्र की 14 करोड़ जनता और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का आशीर्वाद प्राप्त है। उन्होंने कहा कि कोई भी उनके पंख नहीं कतर सकता। फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के साथ हाल ही में एक ही विमान से मुंबई से नागपुर जाने की घटना को महज संयोग बताया और कहा कि इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।