सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Why Manipur government school demolished political storm erupts after FIR filed against BJP MLA full story

Manipur: सरकारी स्कूल पर बुलडोजर क्यों चला? मणिपुर में BJP विधायक पर FIR से मचा सियासी भूचाल; जानें पूरा मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 21 Jan 2026 03:36 PM IST
विज्ञापन
सार

मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में निर्माणाधीन सरकारी स्कूल को गिराने के आरोप में भाजपा विधायक एल सुसिंद्रो मैतेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि विधायक के निर्देश पर खुदाई मशीन से स्कूल की इमारत तोड़ी गई। यह परियोजना सरकारी फंड से बन रही थी। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

Why Manipur government school demolished political storm erupts after FIR filed against BJP MLA full story
सरकारी विद्यालय पर चला बुलडोजर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

मणिपुर में एक निर्माणाधीन सरकारी स्कूल को गिराए जाने का मामला अब कानूनी और राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। इंफाल ईस्ट जिले में एक जूनियर हाई स्कूल की इमारत तोड़े जाने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के विधायक एल सुसिंद्रो मैतेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Trending Videos


क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह एफआईआर स्कूल परिसर के साइट सुपरवाइजर कोंसाम संतोष मैतेई की शिकायत पर दर्ज की गई है। आरोप है कि इंफाल ईस्ट जिले के खुरई हाइग्रुमाखोंग इलाके में स्थित जूनियर हाई स्कूल की निर्माणाधीन इमारत को 18 जनवरी को जबरन गिराया गया। शिकायत में कहा गया है कि एक खुदाई मशीन की मदद से यह तोड़फोड़ की गई और इसके पीछे सीधे तौर पर विधायक के निर्देश बताए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- 'तमिलनाडु की संस्कृति, इसके गौरव पर हमला कर रही डीएमके', केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आरोप

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने इस मामले में आपराधिक अतिक्रमण, घर में अवैध प्रवेश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धाराएं लगाई हैं। एफआईआर सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत भी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि यह मामला गंभीर है क्योंकि संबंधित इमारत एक सरकारी शैक्षणिक परियोजना का हिस्सा थी।

एफआईआर में विधायक की भूमिका पर क्या कहा गया?

  • एफआईआर में दर्ज है कि विधायक ने कथित तौर पर स्थानीय अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए खुद स्वीकार किया कि उन्होंने निर्माणाधीन ढांचे को गिराने का आदेश दिया था।
  • शिकायतकर्ता का आरोप है कि विधायक पहले भी निर्माण स्थल पर पहुंचे थे।
  • उस समय विधायक ने निर्माण कार्य रोकने की चेतावनी दी थी।
  • शिकायत में कहा गया है कि विधायक ने साफ कहा था कि काम जारी रहा तो इमारत गिरा दी जाएगी।



ये भी पढ़ें- जाली दस्तावेजों से फ्लैट बेचने के 6 आरोपी गिरफ्तार, 4000 रुपये की चोरी में वांछित 20 साल बाद पकड़ा

सरकारी फंड और योजना का सवाल
शिकायत के मुताबिक, इस स्कूल का निर्माण नॉर्थ ईस्टर्न स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत हो रहा था। यह योजना नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के फंड से संचालित होती है और परियोजना को मणिपुर सरकार के शिक्षा इंजीनियरिंग विंग द्वारा लागू किया जा रहा था। ऐसे में बिना प्रशासनिक अनुमति निर्माण गिराया जाना सरकारी धन और प्रक्रिया दोनों पर सवाल खड़े करता है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। विधायक से पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। वहीं, यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है क्योंकि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर सीधे तौर पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। आने वाले दिनों में इस केस की जांच मणिपुर की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए अहम मानी जा रही है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article