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UGC-NET Retest: NTA की गलती की सजा छात्र क्यों भुगतें? पेपर दोबारा कराने को लेकर कांग्रेस ने क्या-क्या कहा?
Mon, 17 Aug 2026 12:39 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:39 PM IST
सार
UGC-NET Retest: यूजीसी-नेट के तीन प्रश्नपत्रों में कई गंभीर गलतियां मिलने के बाद एनटीए ने 9 और 10 सितंबर को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। कांग्रेस ने छात्रों को हुई परेशानी को लेकर सरकार सेपूछा कि इन गलतियों की जिम्मेदारी कौन लेगा? विपक्षी पार्टी ने क्या-क्या कहा, पढ़िए-
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जयराम रमेश, कांग्रेस के संचार प्रभारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
कांग्रेस ने सोमवार को सरकार पर निशाना साधा है। यह हमला राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के तीन पेपर दोबारा कराने के एलान के बाद किया गया। कांग्रेस ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जिम्मेदारी को लेकर कुछ कहेंगे।
विपक्षी पार्टी ने यह भी पूछा कि परीक्षा व्यवस्था की गलतियों की सजा उम्मीदवारों को क्यों भुगतनी चाहिए? कांग्रेस ने कहा कि देश के युवा इन सवालों का जवाब चाहते हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने क्या कहा?
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उन्होंने कहा, जिन युवाओं ने जून में परीक्षा दी, उनके लिए हर दिन महत्वपूर्ण है। परिणाम से जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ), सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता और पीएचडी में दाखिले जैसे अवसर परीक्षा के परिणामों से जुड़े हैं। रमेश ने कहा, लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को कोसने वाले प्रधानमंत्री क्या अपनी जिम्मेदारी पर कुछ बोलेंगे? देश का युवा जवाब चाहता है।
कब होंगे पेपर?
एनटीए ने यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए कराई थी। इस परीक्षा का मकसद जेआरएफ, सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए उम्मीदवारों की योग्यता तय करना है।
एनटीए ने क्या कहा?
परीक्षा एजेंसी ने एक सार्वजनिक सूचना में बताया कि उसे इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियों की शिकायतें मिली थीं। इन समस्याओं की जांच के लिए एक समिति बनाई गई।
एजेंसी ने बताया कि समिति ने पाया कि तीनों प्रश्नपत्रों में तथ्य, टाइपिंग और अनुवाद से जुड़ी कई गलतियां थीं। इनमें बड़े विद्वानों के नाम गलत लिखना, किताबों के नाम बिगाड़ना, सवालों की शुरुआत में इस्तेमाल की गई भाषा में गलतियां, व्याकरण की गलतियां, लिंग और वचन से जुड़ी गलतियां, विराम चिह्नों की गलतियां और पहले से स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक नए शब्दों का इस्तेमाल शामिल था। इसके अलावा, पहले पूछे जा चुके कई सवालों को दोबारा भी पूछा गया था।
एजेंसी ने कहा कि समिति ने निष्पक्ष और गलतियों से मुक्त परीक्षा कराने के हित में इन तीनों पेपरों को दोबारा कराने की सिफारिश की।
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विपक्षी पार्टी ने यह भी पूछा कि परीक्षा व्यवस्था की गलतियों की सजा उम्मीदवारों को क्यों भुगतनी चाहिए? कांग्रेस ने कहा कि देश के युवा इन सवालों का जवाब चाहते हैं।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने क्या कहा?
- कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा के करीब दो महीने बाद एनटीए ने खुद माना है कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्न पत्रों में तथ्य, टंकण (टाइपिंग) और अनुवाद से जुड़ी गलतियां थीं।
- उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए, किताबों के नाम बिगाड़ दिए गए, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां थीं, व्याकरण और लिंग-वचन से जुड़ी गलतियां थीं, विराम चिह्नों में गलतियां थीं और पहले से स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्द इस्तेमाल किए गए।
- अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में रमेश ने कहा कि एनटीए की समिति ने पाया कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न भी दोहराए गए जो पहले की परीक्षा में पूछे जा चुके थे। अब इन तीन विषयों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी।
- उन्होंने लिखा, हमारा सवाल है कि एनटीए की गलती की सजा देश के छात्र क्यों भुगतें? क्या इतनी गंभीर गलतियों का पता चलने में करीब दो महीने लगते हैं?
- कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल केवल यह नहीं है कि परीक्षा दोबारा क्यों हो रही है। सवाल यह है कि इतनी गंभीर त्रुटियों वाला प्रश्नपत्र तैयार और मंजूर कैसे हुआ? लाखों युवाओं के करियर से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की परक्षा में ऐसी लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है? परीक्षा प्रणाली में गलती की कीमत अभ्यर्थी क्यों चुकाएं?
- उन्होंने कहा, ये सवाल सिर्फ इन तीन विषयों के हजारों छात्रों के ही नहीं है। सरकार को बताना चाहिए कि 84 अन्य विषयों में परीक्षा दे चुके कई हजार अभ्यर्थियों के परिणाम में देरी क्यों हुई?
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उन्होंने कहा, जिन युवाओं ने जून में परीक्षा दी, उनके लिए हर दिन महत्वपूर्ण है। परिणाम से जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ), सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता और पीएचडी में दाखिले जैसे अवसर परीक्षा के परिणामों से जुड़े हैं। रमेश ने कहा, लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को कोसने वाले प्रधानमंत्री क्या अपनी जिम्मेदारी पर कुछ बोलेंगे? देश का युवा जवाब चाहता है।
कब होंगे पेपर?
- अंग्रेजी का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली में होगा।
- कॉमर्स का पेपर उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक दूसरी पाली में होगा।
- समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली में कराया जाएगा।
एनटीए ने यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए कराई थी। इस परीक्षा का मकसद जेआरएफ, सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए उम्मीदवारों की योग्यता तय करना है।
एनटीए ने क्या कहा?
परीक्षा एजेंसी ने एक सार्वजनिक सूचना में बताया कि उसे इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियों की शिकायतें मिली थीं। इन समस्याओं की जांच के लिए एक समिति बनाई गई।
एजेंसी ने बताया कि समिति ने पाया कि तीनों प्रश्नपत्रों में तथ्य, टाइपिंग और अनुवाद से जुड़ी कई गलतियां थीं। इनमें बड़े विद्वानों के नाम गलत लिखना, किताबों के नाम बिगाड़ना, सवालों की शुरुआत में इस्तेमाल की गई भाषा में गलतियां, व्याकरण की गलतियां, लिंग और वचन से जुड़ी गलतियां, विराम चिह्नों की गलतियां और पहले से स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक नए शब्दों का इस्तेमाल शामिल था। इसके अलावा, पहले पूछे जा चुके कई सवालों को दोबारा भी पूछा गया था।
एजेंसी ने कहा कि समिति ने निष्पक्ष और गलतियों से मुक्त परीक्षा कराने के हित में इन तीनों पेपरों को दोबारा कराने की सिफारिश की।