Sri Lanka : भारत की मदद से श्रीलंका के उत्तरी भाग में रेलवे ट्रैक की बहाली का काम शुरू, चक्रवात से हुआ था नष्ट
चक्रवात दित्वाह से प्रभावित श्रीलंका में भारत की मदद से उत्तरी रेलवे ट्रैक की बहाली शुरू हो गई है। महावा जंक्शन से ओमानथाई तक क्षतिग्रस्त लाइन का पुनर्निर्माण भारत के ऑपरेशन सागर बंधु के तहत हो रहा है।
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चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका में भारत की सहायता से उत्तरी रेलवे ट्रैक की बहाली का काम शुरू हो गया है। नई दिल्ली ने महावा जंक्शन से ओमानथाई तक चक्रवात से क्षतिग्रस्त उत्तरी रेलवे लाइन के पूर्ण पुनर्निर्माण के लिए पूरी सहायता प्रदान की है। भारत ने श्रीलंका में राहत, पुनर्वास सहायता प्रदान करने और संपर्क बहाल करने के लिए 28 नवंबर को 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया।
450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज
परिवहन मंत्रालय ने कहा कि कार्य प्रारंभ समारोह में कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा और परिवहन मंत्री बिमल रत्नायका उपस्थित थे। मंत्रालय के अनुसार, भारत द्वारा दिए गए 50 लाख अमेरिकी डॉलर के अनुदान से उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में महावा जंक्शन पर रविवार को जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ। यह भारत द्वारा श्रीलंका को दिए जाने वाले 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज के तहत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की शुरुआत का प्रतीक है। श्रीलंका नवंबर में चक्रवात दित्वाह से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिससे व्यापक बाढ़ और भूस्खलन हुआ था और 600 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
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तमिल नव वर्ष से पहले पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद
विदेश मंत्री एस जयशंकर की श्रीलंका यात्रा के दौरान इस पैकेज की घोषणा की गई। इसमें 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रियायती ऋण रेखाएं और 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है। श्रीलंका रेलवे के अनुसार, पुनर्निर्मित रेलवे लाइन के 14 अप्रैल को सिंहली और तमिल नव वर्ष से पहले पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। भारत द्वारा सहायता प्राप्त रेल पटरी आधुनिकीकरण परियोजना 2019 और 2024 में दो चरणों में शुरू हुई। 370 किलोमीटर लंबी इस पटरी पर एक नया सिग्नल नेटवर्क लगाया जाना था ताकि गति को 100 किमी/घंटा तक बढ़ाया जा सके।
इस परियोजना के तहत, हाथियों के लिए ऐसे पुल और सुरंगें बनाने की योजना थी जिससे वे तेज रफ्तार ट्रेनों से होने वाली चोटों से सुरक्षित रूप से पटरी के नीचे से गुजर सकें। मंत्रालय ने कहा कि 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता के साथ-साथ भारतीय विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी और उपकरणों का भी उपयोग किया जाएगा। पुनर्निर्माण कार्य भारतीय रेलवे द्वारा स्थापित भारतीय इंजीनियरिंग और निर्माण निगम, आईआरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
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चक्रवात दित्वाह कारण भारी नुकसान
सरकार ने इससे पहले घोषणा की थी कि विनाशकारी चक्रवात दित्वाह द्वारा रेल अवसंरचना को नष्ट किए जाने के बाद रेलवे ट्रैक को बहाल करने के लिए 320 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी।चक्रवात के कारण मिट्टी का कटाव हुआ और अधिकांश स्थानों पर रेल की पटरियां ठोस आधार के बिना लटक गईं। कई रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गए और ढह गए, जिससे सिग्नल सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा।