सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Chenab Valley Set to Become a Major Hub for Power Generation in the Next Ten Years.

Jammu: सिंधु जलसंधि पर भारत का रुख स्पष्ट, अगले दस साल में बिजली उत्पादन का बड़ा केंद्र बनेगी चिनाब घाटी

साहिल खजूरिया, संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Published by: Nikita Gupta Updated Sun, 24 May 2026 12:13 PM IST
विज्ञापन
सार

जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार अगले दस वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता को 3500 मेगावाट से बढ़ाकर 10 हजार मेगावाट करने की तैयारी में है। सिंधु जल संधि पर सख्त रुख के बीच चिनाब घाटी को देश का बड़ा हाइड्रो पावर हब बनाने के लिए कई मेगा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

Chenab Valley Set to Become a Major Hub for Power Generation in the Next Ten Years.
चिनाब घाटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

जम्मू कश्मीर अगले दस साल के भीतर दस हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू कर देगा। सिंधु जलसंधि को स्थगित रखते हुए भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपने रुख को स्पष्ट कर दिया है। उधर, समझौते से किनारा करते हुए सरकार फिलहाल अपने संसाधनों का पूरी तरह से इस्तेमाल करने और संभावित बिजली उत्पादन क्षमता का दोहन करने के लिए प्रक्रिया तेज की है। खास तौर से चिनाब घाटी आने वाले दस वर्षों के भीतर बिजली उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरने जा रही है।



जम्मू कश्मीर में चार पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण में जहां पिछले एक साल में तेजी आई है वहीं बार बार सिंधु जलसंधि की अड़चनों से लटकने वाली चार पनबिजली परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल दो बिजली परियोजनाओं को तैयार करने के लिए उनका व्यवहार्यता अध्ययन करवाया जा रहा है। उधर, कई अन्य परियोजनाओं को शुरू करने को लेकर भी केंद्र की नजर बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




अगले दस साल में प्रदेश में कुल 18 हजार मेगावॉट की बिजली उत्पादन संभावना में से 15 हजार मेगावॉट क्षमता हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अबतक प्रदेश की उत्पादन क्षमता केवल 3500 मेगावॉट थी, जो अगले तीन साल में साढ़े सात हजार और दस वर्ष के भीतर 10 हजार मेगावॉट हो जाएगी। केंद्र सरकार के दो टूक निर्देशों के बीच पिछले कई वर्षों में पहली बार साल में चार बार बिजली उत्पादन करने वाली परियोजनाओं के बांध से गाद निकालने के लिए चार बार फ्लशिंग भी की गई। सरकार ने परियोजनाओं की ऑपरेशनल एफिशियेंसी बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
विज्ञापन
Trending Videos


आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकलडुल जलविद्युत परियोजना (900 मेगावाट) केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित चिनाब नदी की सहायक नदी मरुसुदर नदी पर तैयार की जा रही है। इसके अलावा 526 मेगावाट की क्षमता वाला किरू प्रोजेक्ट एक रन-ऑफ-द-रिवर योजना है, जिसे चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है। यह कंपनी एनएचपीसी और जम्मू-कश्मीर पावर डवलपमेंट कॉरपोरेशन का संयुक्त उपक्रम है।

524 मेगावाट क्षमता की कवार परियोजना भी चिनाब नदी पर किश्तवाड़ से लगभग 28 किलोमीटर दूरी पर तैयार हो रही है। रतले जलविद्युत परियोजना (840 मेगावाट) केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के द्रबशाला गांव में चिनाब नदी पर स्थित एक रन ऑफ रिवर योजना है। इसका काम भी तेजी से जारी है। दावा है कि 2030 से पहले इन परियोजनाओं से बिजली उत्पादन कर प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को साढ़े सात हजार मेगावॉट तक कर दिया जाएगा।

Chenab Valley Set to Become a Major Hub for Power Generation in the Next Ten Years.
क्वाड पनबिजली परियोजना का चल रहा काम - फोटो : संवाद

2035 तक तैयार हो जाएंगी सावलाकोट, दुलहस्ती चरण दो और उड़ी 1 चरण दो परियोजनाएं
केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में तीन और बड़ी परियोजनाओं को अमली जामा पहनाने का काम शुरू करवा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिनाब नदी पर बनने जा रही 1856 मेगावॉट सावलाकोट परियोजना, 260 मेगावॉट दुलहस्ती चरण दो परियोजना के अलावा उड़ी एक चरण दो 240 मेगावॉट पनबिजली परियोजनाओं के लिए अलग अलग चरण में निविदा प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। दावा है कि 2035 से पहले यह परियोजनाएं प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में 23 सौ मेगावाट से अधिक का इजाफा कर देंगी।

Chenab Valley Set to Become a Major Hub for Power Generation in the Next Ten Years.
पक्कलदुल परियोजना का चल रहा निर्माण - फोटो : संवाद

किरथई एक और किरथई दो को लेकर भी बढ़ सक्रियता
सिंधु जलसंधि के स्थगित होने के बीच चिनाब और इसकी सहायक नदियों पर बांध बनाने को लेकर प्रक्रिया में पाडर से सटे किरथई में चरण एक की 390 मेगावाट और 820 मेगावाट की किरथई चरण दो पनबिजली परियोजना को लेकर भी मसौदा तैयार हो रहा है। यह परियोजनाएं फिलहाल व्यवहार्यता अध्ययन के चरण में हैं। सूत्रों ने बताया कि केंद्र की रूची बडसर, बरिनियम, शमनोट और शौस पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भी है। जो प्रदेश के बिजली उत्पादन क्षमता को 15 हजार मेगावाट से अधिक कर देंगी। कुल 18 हजार की क्षमता के दोहन के लिए केंद्र लघु पनबिजली परियोजनाओं को बढ़ावा देने जा रहा है।

Chenab Valley Set to Become a Major Hub for Power Generation in the Next Ten Years.
रतले पनबिजली परियोजना का चल रहा काम - फोटो : संवाद
जम्मू कश्मीर की कुल 18 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता को हासिल करने के लिए काम किया जा रहा है। फिलहाल व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं निमार्णाधीन और टेंडरिंग चरण में हैं। अगले तीन वर्ष में जम्मू कश्मीर में बिजली का उत्पादन वर्तमान में हो रहे उत्पादन से दोगुणा हो जाएगा। राहुल यादव, प्रबंध निदेशक, जम्मू कश्मीर पॉवर कारपोरेशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed