लद्दाख: केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार पंचायत चुनाव, 21 नवंबर से पहले परिसीमन पर दो दिन होगी सुनवाई
लद्दाख में 21 नवंबर को होने वाले पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन के मसौदे पर मिली आपत्तियों और सुझावों की सुनवाई 4 और 5 नवंबर को होगी। लेह में होने वाली सुनवाई में संबंधित लोगों और संगठनों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
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लद्दाख में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र शासित प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े मसौदा अधिसूचना पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर 4 और 5 नवंबर को व्यक्तिगत सुनवाई करने का फैसला किया है। इस दौरान संबंधित लोगों और संगठनों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
आयोग की ओर से 2 नवंबर को जारी सूचना के अनुसार, जिन लोगों और संगठनों ने परिसीमन के मसौदे पर आपत्तियां या सुझाव दिए हैं उन्हें लेह स्थित एलएएचडीसी के नए कॉन्फ्रेंस हॉल में निर्धारित समय पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
4 नवंबर को नुब्रा क्षेत्र के लिए दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक, चांगथांग के लिए 2:30 से 3:30 बजे तक, शाम क्षेत्र के लिए 3:30 से 4:30 बजे तक और लेह के लिए 4:30 से 5:30 बजे तक सुनवाई होगी।
वहीं, 5 नवंबर को द्रास क्षेत्र के लिए सुबह 10 से 11 बजे तक, कारगिल के लिए 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक, संकू के लिए दोपहर 12 से 1 बजे तक और जांस्कर के लिए दोपहर 1 से 2 बजे तक सुनवाई निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 अक्तूबर को पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन का मसौदा जारी किया था, जिसे बाद में सरकारी आदेश के माध्यम से लद्दाख राजपत्र में प्रकाशित किया गया। आयोग का कहना है कि व्यक्तिगत सुनवाई के जरिए सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार कर अंतिम सिफारिशों को तैयार किया जाएगा।
बता दें कि लद्दाख में सभी ग्राम पंचायतों जिन्हें पंचायत हलका कहा जाता है, के चुनाव 21 नवंबर को कराने की घोषणा की गई है। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में पहली बार पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले क्षेत्र में नवंबर 2018 में पंचायत चुनाव हुए थे जब लद्दाख तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था।