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Udhampur News: कंजक पूजन और अनुष्ठान के लिए मंदिरों में भीड़, साख विसर्जित की
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उधमपुर। चैत्र नवरात्र पर वीरवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में अष्टमी व रामनवमी का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा जहां मां दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व रहा। श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर चरण धोए और उन्हें हलवा, पूरी व चने का प्रसाद भेंट किया। उपहार पाकर कन्याओं के चेहरे खिल उठे और पूरा वातावरण जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान रहा। शारदा माता मंदिर, टी-मोड़ काली माता, नरसिंह मंदिर काल्डी और मोहमाया मंदिर को आकर्षक रोशनी व फूलों से सजाया गया था।
रामनगर और मजालता सहित विभिन्न स्थानों पर शोभायात्राएं निकाली गईं। इनमें भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और मां नवदुर्गा की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम के जीवन से सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह प्रसाद वितरण के स्टाल लगाए गए थे।
तिथि और मुहूर्त का विशेष संयोग
ज्योतिषाचार्यों और श्रद्धालुओं पूजा देवी, राधिका शर्मा व अन्य के अनुसार सुबह 11:49 बजे तक अष्टमी तिथि रही जिसके बाद नवमी का आरंभ हुआ। हालांकि आधिकारिक रूप से रामनवमी वीरवार को मनाई गई लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुक्रवार सुबह 10:08 बजे तक नवमी का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसी कारण कई श्रद्धालुओं ने अष्टमी के अनुष्ठान किए और वे शुक्रवार सुबह साख (ज्वार) विसर्जन व कन्या पूजन के साथ नवरात्र का समापन करेंगे। सुबह 10 बजे तक साख विसर्जन का शुभ संयोग होने के कारण घरों और मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
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अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व रहा। श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर चरण धोए और उन्हें हलवा, पूरी व चने का प्रसाद भेंट किया। उपहार पाकर कन्याओं के चेहरे खिल उठे और पूरा वातावरण जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान रहा। शारदा माता मंदिर, टी-मोड़ काली माता, नरसिंह मंदिर काल्डी और मोहमाया मंदिर को आकर्षक रोशनी व फूलों से सजाया गया था।
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रामनगर और मजालता सहित विभिन्न स्थानों पर शोभायात्राएं निकाली गईं। इनमें भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और मां नवदुर्गा की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम के जीवन से सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह प्रसाद वितरण के स्टाल लगाए गए थे।
तिथि और मुहूर्त का विशेष संयोग
ज्योतिषाचार्यों और श्रद्धालुओं पूजा देवी, राधिका शर्मा व अन्य के अनुसार सुबह 11:49 बजे तक अष्टमी तिथि रही जिसके बाद नवमी का आरंभ हुआ। हालांकि आधिकारिक रूप से रामनवमी वीरवार को मनाई गई लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुक्रवार सुबह 10:08 बजे तक नवमी का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसी कारण कई श्रद्धालुओं ने अष्टमी के अनुष्ठान किए और वे शुक्रवार सुबह साख (ज्वार) विसर्जन व कन्या पूजन के साथ नवरात्र का समापन करेंगे। सुबह 10 बजे तक साख विसर्जन का शुभ संयोग होने के कारण घरों और मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं।