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Udhampur News: वैष्णो देवी यात्रा स्थगित करने के बजाय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाना चाहिए
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कटड़ा। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन कटड़ा तथा पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू रीजन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) के सीईओ सचिन कुमार वैश्य से मुलाकात की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं, यात्रा के सतत विकास तथा कटड़ा की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने संबंधी विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में एचआरएके के अध्यक्ष एवं पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन राकेश वजीर, एचआरएके के चेयरमैन श्याम लाल केसर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पीएचडीसीसीआई कटड़ा प्रमुख वीरेंद्र केसर, उपाध्यक्ष निशांत शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य गौरव शर्मा, कुलदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
राकेश वजीर ने कहा कि हाल के समय में मौसम संबंधी चेतावनियों के दौरान यात्रा को बार-बार पूरी तरह स्थगित किए जाने से मां वैष्णो देवी यात्रा पर दीर्घकालीन प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हाल की फ्लैश फ्लड त्रासदी के बाद यात्रा रोकना उचित कदम था, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में यात्रा को पूरी तरह बंद करने के बजाय सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 50 वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पुराने मार्ग पर बड़े भूस्खलन से जनहानि की घटनाएं बेहद कम रही हैं। ऐसे में यदि किसी एक हिस्से में जोखिम हो तो श्रद्धालुओं को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों से भवन तक भेजा जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को बाणगंगा से नए संपर्क मार्ग अथवा ताराकोट मार्ग के माध्यम से पुराने ट्रैक तक पहुंचाकर यात्रा जारी रखी जा सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि बार-बार यात्रा बाधित होने से श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है, जबकि देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
श्याम लाल केसर ने कहा कि धार्मिक पर्यटन कटड़ा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे पूरे जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले, भारत-पाक तनाव, फ्लैश फ्लड और मौसम संबंधी कारणों से यात्रा बंद रहने के दौरान श्राइन बोर्ड के लाइसेंसधारकों को हुए आर्थिक नुकसान का उल्लेख करते हुए प्रभावित अवधि का लाइसेंस शुल्क माफ करने अथवा लाइसेंस अवधि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान भी इस प्रकार की राहत दी जा चुकी है।
वीरेंद्र केसर ने रेलवे स्टेशन और अन्य आरएफआईडी पंजीकरण केंद्रों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने तथा उपलब्ध अतिरिक्त स्थान का उपयोग कर पंजीकरण प्रक्रिया को तेज बनाने का सुझाव दिया।
निशांत शर्मा और गौरव शर्मा ने कटड़ा के समग्र विकास के लिए श्राइन बोर्ड, कटड़ा विकास प्राधिकरण, नगर समिति तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने की मांग की। उन्होंने भूमिगत विद्युत लाइनें, निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति, बेहतर सफाई व्यवस्था तथा अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना तथा आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए प्रत्येक बिंदु पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
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प्रतिनिधिमंडल में एचआरएके के अध्यक्ष एवं पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन राकेश वजीर, एचआरएके के चेयरमैन श्याम लाल केसर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पीएचडीसीसीआई कटड़ा प्रमुख वीरेंद्र केसर, उपाध्यक्ष निशांत शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य गौरव शर्मा, कुलदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
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राकेश वजीर ने कहा कि हाल के समय में मौसम संबंधी चेतावनियों के दौरान यात्रा को बार-बार पूरी तरह स्थगित किए जाने से मां वैष्णो देवी यात्रा पर दीर्घकालीन प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हाल की फ्लैश फ्लड त्रासदी के बाद यात्रा रोकना उचित कदम था, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में यात्रा को पूरी तरह बंद करने के बजाय सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 50 वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पुराने मार्ग पर बड़े भूस्खलन से जनहानि की घटनाएं बेहद कम रही हैं। ऐसे में यदि किसी एक हिस्से में जोखिम हो तो श्रद्धालुओं को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों से भवन तक भेजा जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को बाणगंगा से नए संपर्क मार्ग अथवा ताराकोट मार्ग के माध्यम से पुराने ट्रैक तक पहुंचाकर यात्रा जारी रखी जा सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि बार-बार यात्रा बाधित होने से श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है, जबकि देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
श्याम लाल केसर ने कहा कि धार्मिक पर्यटन कटड़ा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे पूरे जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले, भारत-पाक तनाव, फ्लैश फ्लड और मौसम संबंधी कारणों से यात्रा बंद रहने के दौरान श्राइन बोर्ड के लाइसेंसधारकों को हुए आर्थिक नुकसान का उल्लेख करते हुए प्रभावित अवधि का लाइसेंस शुल्क माफ करने अथवा लाइसेंस अवधि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान भी इस प्रकार की राहत दी जा चुकी है।
वीरेंद्र केसर ने रेलवे स्टेशन और अन्य आरएफआईडी पंजीकरण केंद्रों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने तथा उपलब्ध अतिरिक्त स्थान का उपयोग कर पंजीकरण प्रक्रिया को तेज बनाने का सुझाव दिया।
निशांत शर्मा और गौरव शर्मा ने कटड़ा के समग्र विकास के लिए श्राइन बोर्ड, कटड़ा विकास प्राधिकरण, नगर समिति तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने की मांग की। उन्होंने भूमिगत विद्युत लाइनें, निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति, बेहतर सफाई व्यवस्था तथा अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना तथा आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए प्रत्येक बिंदु पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।