'सारे कष्ट होंगे दूर': सपना आने के बाद बना दी मजार, हंगामे के बाद खुद हटाया निर्माण, युवक ने मानी गलती
भाई की मौत और बाबा की आंखों की रोशनी जाने से परेशान धीरज ने अपनी जमीन पर मजार बनाई। हिंदू संगठन व ग्रामीणों की आपत्ति और पुलिस की चेतावनी पर उसने निर्माण हटा दिया।
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भाई की मौत और बाबा की आंखों की रोशनी जाने से परेशान ढकिया हमीनगर गांव के धीरज ने बाजपुर गांव स्थित अपनी जमीन पर पंचपीर की मजार बना दी। धीरज के मुताबिक, उसे सपना आया था कि ऐसा करने से उसके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। मजार बनाने पर हिंदू संगठन समेत गांव के लोगों ने आपत्ति जताई। हंगामा होने और पुलिस के कार्रवाई की चेतावनी देने पर उसने खुद निर्माण हटा दिया।
सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि ढकिया हमीदनगर के रहने वाले धीरज की व्यक्तिगत जमीन रोड के किनारे है। यहां पहले से एक देवस्थान बना हुआ है। उसी के पास धीरज ने तीन-चार माह पूर्व एक चबूतरा बनवाया था। उसके छोटे भाई की असमय मौत हो गई थी और तीन-चार महीने पहले बाबा की आंखों की रोशनी चली गई थी। धीरज का कहना है कि चार-पांच दिन पहले उसे सपना आया कि उसके घर से बीमारियां और अन्य कष्ट से बचने एक ही रास्ता है कि चबूतरे पर पंचपीर बाबा की मजार बना दो।
धीरज ने बुधवार रात को बिना किसी अनुमति के चबूतरे पर मजार बना दी। बृहस्पतिवार सुबह लोगों ने मजार को बना देखकर विरोध किया। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष दीपक त्रिपाठी, जिला महासचिव शुभम मिश्रा पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। मजार का निर्माण देख जिलाध्यक्ष ने हिंदू युवा वाहिनी के बरेली मंडल अध्यक्ष प्रदीप शर्मा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित दीक्षित को जानकारी दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर आ गई।
पुलिस ने समझाया कि बगैर अनुमति के निर्माण कराना अवैध है। इस पर धीरज ने खुद ही बनाया गया ढांचा हटा दिया। वहीं, हिंदू संगठन ने चबूतरे पर भगवा झंडा लगा दिया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि ग्रामीण को समझाया गया है। उसने अपनी कानून की जानकारी न होने की बात कहते हुए अपनी गलती मान ली और निर्माण खुद हटा दिया। मौके पर कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।