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Udhampur News: 12 साल का लंबा इंतजार और बढ़ा, इस वर्ष भी शुरू नहीं होंगी केवी की कक्षाएं
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फाइलों में अटकी जमीन की तलाश, ज्योतिपुरम केवी में दाखिला प्रक्रिया शुरू
डाइट की इमारत में कक्षाएं शुरू करने का वादा नहीं हो सका पूरा
रियासी। जिला मुख्यालय पर केंद्रीय विद्यालय (केवी) खोलने की उम्मीदें एक बार फिर धूमिल हो गई हैं। हाल ही में केंद्रीय विद्यालय ज्योतिपुरम में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि इस सत्र में भी रियासी के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। लोग 12 वर्ष से लगातार सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा के अलावा पूर्व विधायक व राज्य मंत्री अजय नंदा से स्कूल की मांग कर रहे थे लेकिन आश्वासनों के बावजूद धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
विद्यालय के निर्माण के लिए माड़ी, अगार बल्लियां और नवाबाद जैसे क्षेत्रों में जमीन की तलाश की गई थी। चर्चा थी कि जगह फाइनल हो मिल गई है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मामला अधर में है। बीते दिनों विधायक कुलदीप राज दुबे ने आश्वासन दिया था कि इस वर्ष डाइट की इमारत में अस्थायी रूप से कक्षाएं शुरू की जाएंगी लेकिन दाखिला प्रक्रिया में रियासी का नाम न होने से अभिभावकों और छात्रों में निराशा है।
एक चैनल को दिए साक्षात्कार में विधायक कुलदीप राज दुबे ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने की मंजूरी मिल चुकी है। जमीन के कागजात तैयार कर केंद्रीय विद्यालय प्रशासन को सौंपे जाएंगे। डाइट में कक्षाएं शुरू करने के लिए इमारत में काम करवाया जाना है, जिसके लिए फंड जारी किया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय न होने के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है या ज्योतिपुरम जैसे दूरदराज के क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस बारे में केंद्रीय विद्यालय ज्योतिपुरम के प्रिंसिपल प्रदीप यादव का कहना है कि उन्हें अब तक जमीन से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ है जिसके अभाव में डाइट की इमारत में कक्षाएं शुरू करना संभव नहीं है।
सियासी पारा चढ़ा, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर साधा निशाना
केवी के मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश सचिव करण दीप सिंह ने कहा कि 12 साल से भाजपा के सांसद और विधायक होने के बावजूद जनता की बुनियादी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले कांग्रेस ने विकास कार्य करवाए थे और अब दोबारा कांग्रेस की सरकार आने पर ही यह सपना पूरा होगा। कांग्रेस नेता बिशन मगोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व केवल झूठ की राजनीति कर रहा है। जनप्रतिनिधि चाहते तो एक आदेश से स्कूल शुरू हो सकता था लेकिन चुनावी वादों को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। पीडीपी के जिला प्रधान सुरिंदर शर्मा ने मुफ्ती मोहम्मद सईद सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक और जिला अस्पताल जैसे बड़े संस्थान बने थे। यह चिंताजनक है कि 12 साल में प्रशासन एक स्कूल तक नहीं खोल पाया।
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डाइट की इमारत में कक्षाएं शुरू करने का वादा नहीं हो सका पूरा
रियासी। जिला मुख्यालय पर केंद्रीय विद्यालय (केवी) खोलने की उम्मीदें एक बार फिर धूमिल हो गई हैं। हाल ही में केंद्रीय विद्यालय ज्योतिपुरम में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि इस सत्र में भी रियासी के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। लोग 12 वर्ष से लगातार सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा के अलावा पूर्व विधायक व राज्य मंत्री अजय नंदा से स्कूल की मांग कर रहे थे लेकिन आश्वासनों के बावजूद धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
विद्यालय के निर्माण के लिए माड़ी, अगार बल्लियां और नवाबाद जैसे क्षेत्रों में जमीन की तलाश की गई थी। चर्चा थी कि जगह फाइनल हो मिल गई है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मामला अधर में है। बीते दिनों विधायक कुलदीप राज दुबे ने आश्वासन दिया था कि इस वर्ष डाइट की इमारत में अस्थायी रूप से कक्षाएं शुरू की जाएंगी लेकिन दाखिला प्रक्रिया में रियासी का नाम न होने से अभिभावकों और छात्रों में निराशा है।
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एक चैनल को दिए साक्षात्कार में विधायक कुलदीप राज दुबे ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने की मंजूरी मिल चुकी है। जमीन के कागजात तैयार कर केंद्रीय विद्यालय प्रशासन को सौंपे जाएंगे। डाइट में कक्षाएं शुरू करने के लिए इमारत में काम करवाया जाना है, जिसके लिए फंड जारी किया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय न होने के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है या ज्योतिपुरम जैसे दूरदराज के क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस बारे में केंद्रीय विद्यालय ज्योतिपुरम के प्रिंसिपल प्रदीप यादव का कहना है कि उन्हें अब तक जमीन से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ है जिसके अभाव में डाइट की इमारत में कक्षाएं शुरू करना संभव नहीं है।
सियासी पारा चढ़ा, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर साधा निशाना
केवी के मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश सचिव करण दीप सिंह ने कहा कि 12 साल से भाजपा के सांसद और विधायक होने के बावजूद जनता की बुनियादी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले कांग्रेस ने विकास कार्य करवाए थे और अब दोबारा कांग्रेस की सरकार आने पर ही यह सपना पूरा होगा। कांग्रेस नेता बिशन मगोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व केवल झूठ की राजनीति कर रहा है। जनप्रतिनिधि चाहते तो एक आदेश से स्कूल शुरू हो सकता था लेकिन चुनावी वादों को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। पीडीपी के जिला प्रधान सुरिंदर शर्मा ने मुफ्ती मोहम्मद सईद सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक और जिला अस्पताल जैसे बड़े संस्थान बने थे। यह चिंताजनक है कि 12 साल में प्रशासन एक स्कूल तक नहीं खोल पाया।