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ऊन, दूध और मांस का उत्पादन बढ़ाने पर मुख्य फोक्स : डुल्लू
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में ऊन, दूध और मांस का उत्पादन बढ़ाने पर मुख्य फोक्स है। यह सब जेनेटिक अपग्रेडेशन और प्रोसेसिंग ढांचे के विस्तार से संभव है। यह बात मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रस्तावों की समीक्षा बैठक में कही। सर्वप्रथम प्रोसेसिंग एग्रीजेशन एंड वेल्यू एडिशन नेटवर्क फॉर वूल प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य फेडरेशन आधारित संस्थागत ढांचे के जरिये जेएंडके में ऊन सेक्टर को फिर से उभारना है। प्रस्तावित मॉडल के तहत ऊन के एकत्रीकरण, ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को आसान बनाने के लिए ब्लॉक कोऑपरेटिव सोसायटी, जिला कोऑपरेटिव सोसायटी और यूटी स्तरीय वूल फेडरेशन वाली तीन स्तरीय सहकारी संरचना स्थापित की जाएगी।
प्रोजेक्ट में जम्मू और श्रीनगर में दो ऊन प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन यूनिट स्थापित करने, किसानों से ऊन की पक्की खरीद के लिए रिवॉल्विंग फंड बनाने और जेएंडके में इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एचएडीपी) के तहत बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने की भी योजना है। बताया गया कि क्षेत्र भारत के कुल ऊन उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत का योगदान देता है, जिससे दूसरा सबसे बड़ा ऊन उत्पादक क्षेत्र बन गया है। मुख्य सचिव को जेएंडके एलीट शीप मिशन के बारे में जानकारी दी गई।
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प्रोजेक्ट में जम्मू और श्रीनगर में दो ऊन प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन यूनिट स्थापित करने, किसानों से ऊन की पक्की खरीद के लिए रिवॉल्विंग फंड बनाने और जेएंडके में इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एचएडीपी) के तहत बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने की भी योजना है। बताया गया कि क्षेत्र भारत के कुल ऊन उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत का योगदान देता है, जिससे दूसरा सबसे बड़ा ऊन उत्पादक क्षेत्र बन गया है। मुख्य सचिव को जेएंडके एलीट शीप मिशन के बारे में जानकारी दी गई।
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