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Jammu News: 145 जमाकर्ताओं को मिलेंगे 38.91 लाख हाईकोर्ट ने जारी करने का दिया आदेश
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक लाख रुपये तक के दावे वाले 145 पात्र जमाकर्ताओं को 38.91 लाख की राशि जारी करने की अनुमति दी है। इसके साथ ही अदालत ने कोर्ट द्वारा नियुक्त रिसीवर को एक सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर दावेदारों को उनका भुगतान प्राप्त करने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल और न्यायमूर्ति संजय परिहार की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार गंडोत्रा ने पीठ के समक्ष एक रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक लाख रुपये तक के दावों वाले 176 लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिन पर कुल 57.68 लाख की देनदारी थी।
हालांकि 31 दावेदारों का पता नहीं चल सका और आवश्यक शुल्क का भुगतान न होने के कारण फिलहाल 145 जमाकर्ता ही पात्र पाए गए, जिनकी देनदारी 38,91,719 रुपये है। उच्च न्यायालय ने रिसीवर को पूर्व में किए गए आंशिक भुगतानों को समायोजित करने के बाद इन 145 जमाकर्ताओं के दावों का निपटारा करने की मंजूरी दे दी।
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अदालत ने निर्देश दिया कि समाचार पत्रों में एक घोषणा जारी की जाए, जिसमें वह स्थान, तिथि और समय तय हो जहां दावेदार अपनी राशि प्राप्त करने के लिए उपस्थित होंगे। शेष 31 लोगों के दावों पर विचार फिलहाल टाल दिया गया है।
उच्च न्यायालय ने बैंक खाते में जमा शेष राशि को छह महीने के लिए सावधि जमा (एफडी) में रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, रिसीवर की सहायता के लिए अधिवक्ता विक्रांत जिज्याल को 12,000 प्रति माह पर कार्यालय सहायक नियुक्त करने की अनुमति दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर, 2026 को तय की गई है। जेएनएफ
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यह आदेश न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल और न्यायमूर्ति संजय परिहार की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार गंडोत्रा ने पीठ के समक्ष एक रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक लाख रुपये तक के दावों वाले 176 लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिन पर कुल 57.68 लाख की देनदारी थी।
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हालांकि 31 दावेदारों का पता नहीं चल सका और आवश्यक शुल्क का भुगतान न होने के कारण फिलहाल 145 जमाकर्ता ही पात्र पाए गए, जिनकी देनदारी 38,91,719 रुपये है। उच्च न्यायालय ने रिसीवर को पूर्व में किए गए आंशिक भुगतानों को समायोजित करने के बाद इन 145 जमाकर्ताओं के दावों का निपटारा करने की मंजूरी दे दी।
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अदालत ने निर्देश दिया कि समाचार पत्रों में एक घोषणा जारी की जाए, जिसमें वह स्थान, तिथि और समय तय हो जहां दावेदार अपनी राशि प्राप्त करने के लिए उपस्थित होंगे। शेष 31 लोगों के दावों पर विचार फिलहाल टाल दिया गया है।
उच्च न्यायालय ने बैंक खाते में जमा शेष राशि को छह महीने के लिए सावधि जमा (एफडी) में रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, रिसीवर की सहायता के लिए अधिवक्ता विक्रांत जिज्याल को 12,000 प्रति माह पर कार्यालय सहायक नियुक्त करने की अनुमति दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर, 2026 को तय की गई है। जेएनएफ