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सपनों की उड़ान बनी आखिरी यात्रा: विदेश में बुझ रहे जम्मू-कमीर के चिराग, डेढ़ साल में 10 युवाओं की मौत

अरुण कुमार अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 17 Jun 2026 02:09 PM IST
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सार

जम्मू-कश्मीर के कई युवाओं की विदेश में रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश दर्दनाक हादसों में बदल गई, जिसमें डेढ़ साल में 10 युवाओं की मौत हो गई।

Deaths of young people who went abroad to support their families
रोजगार की उम्मीद में विदेश गए जम्मू-कश्मीर के युवाओं पर टूटा कहर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बेहतर भविष्य, परिवार की खुशहाली और सपनों को हकीकत में बदलने की उम्मीद लेकर विदेश गए जम्मू-कश्मीर के कई युवाओं के जीवन का दर्दनाक अंत हुआ है। पिछले डेढ़ महीनों के दौरान जम्मू्, राजोरी, कुपवाड़ा, अनंतनाग के 10 नौजवानों की विदेश में मौत हुई है।

यह नौजवान स्टडी और वर्क वीजा हासिल अलग-अलग देशों में गए थे। किसी की मौत रूस-यूक्रेन युद्ध में हुई तो कोई सड़क हादसे का शिकार बना। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को हसते हुए विदा किया था, वहां अब सिर्फ उनकी तस्वीरें बची हैं। विदेश में इन नौजवानों की मौतें तब हुईं जब उनके सपने सच होने का वक्त आया था लेकिन मौत ने एक झटके से सब कुछ छीन लिया। मां-बाप ने जिंदगी भर की जमापूंजी लगाई, गहने और जमीनें गिरवी रखीं ताकि बच्चों को दुश्वारी न झेलनी पड़े।घर के नौजवानों की बेवक्त मौत के बाद अब पीछे बुजुर्ग मां-बाप रह गए हैं। जम्मू जिले के सीमावर्ती इलाकों और राजोरी-पुंछ से बड़ी संख्या युवा विदेश का रुख करते हैं। प्रदेश में रोजगार के सीमित अवसर हैं। दो से ढाई लाख लोग हर वर्ष जम्मू-कश्मीर से रोजगार के लिए विभिन्न देशों में जाते है। पुंछ-राजोरी जिले से ही लगभग एक लाख लोग विदेश का रुख करते है।

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अप्रैल 2026 में गांव पहुंचा सचिव का शव
खौड़ के गांव पहाड़ी वाला निवासी युवक सचिन खजूरिया (24) रूस में काम करने गया था। वहां पर एक होटल में वेटर का काम करता था। सितंबर 2025 में एक महिला एजेंट से उसकी मुलाकात हुई। महिला एजेंट ने सचिन खजूरिया को अधिक पैसों का झांसा देकर रूसी सेना में बतौर सैनिक भर्ती होने के लिए कहा था। महिला एजेंट के झांसे में आकर रूसी सेना में शामिल हो गए। अप्रैल 2026 को सचिन खजूरिया का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा था।

फरवरी 2026 में हुई चक अगवान के मनिंदर की मौतआरएस पुरा सुचेतगढ़ के गांव चक अगवान के मनिंदर सिंह जोहल (24) उच्च शिक्षा के वीजा पर दिसंबर 2024 में रूस गया था। वहां जाने के बद वह पढ़ाई करने के साथ-साथ काम भी कर रहा था। अगले छह-सात महीनों तक सब ठीक-ठाक चलता रहा और इस दौरान उसने घर पर अपने बुजुर्ग माता-पिता को अच्छी-खासी रकम भी भेजी। अगस्त 2025 की 4-5 तारीख के आसपास, एक महिला एजेंट के यह कहने पर कि वह अच्छा पैसा कमा सकता है, वह रूसी सेना में शामिल हो गया। फरवरी 2026 में उसकी मौत हो गई।

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कुवैत में पुंछ-राजोरी के पांच लोगों की मौत
पुंछ-राजोरी जिले के रहने वाले पांच लोगों की मौत अप्रैल 2026 को कुवैत में एक भीषण सड़क हादसे हुई। मृतकों में चार पुंछ जिले के बच्चेयांवाली गांव के फरीद अहमद, सरफराज अहमद, मोहम्मद खालिद व शीदरा गांव के मुख्तार और राजोरी के थन्नामंडी निवासी मुमताज रशीद की मौके पर मौत हो गई थी। मृतक कुवैत में मजदूरी का काम करते थे और अपने परिवारों की आजीविका चलाने के लिए वहां गए थे। दुर्घटना उस समय हुई जब वे काम के सिलसिले में विदेश में थे।

सोगाम के बिलाल की सऊदी अरब में मौतकुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र के सोगाम निवासी बिलाल मंजूरी की सऊदी अरब में हृदयगति रुकने से मौत हुई थी। बिलाल वहां डिफेंस अस्पताल में काम करता था। लंबे समय से वहां काम करता था। बिलाल अपने परिवार को बेहतर जीवन देने के लिए विदेश चला गया था। परिवार ने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था।

फरवरी 2025 में अनंतनाग के खालिद की विदेश में मौतअनंतनाग जिले के दैलगाम स्थित पलपोरा निवासी खालिद सैफुल्लाह मलिक की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। खालिद दो महीने पहले ही रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब के अब्हा क्षेत्र स्थित एक पुनर्वास केंद्र में काम करने गया था। 19 फरवरी 2025 को परिवार को उसकी अचानक मौत की सूचना मिली थी।

सात लाख खर्च दुबई पहुंचा, मानसिक तनाव के बाद आई मौत की सूचना
रोजगार के बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गए आरएसपुरा के गांव महेलूवाल निवासी रवि कुमार की मौत हुई। रवि कुमार को एक एजेंट द्वारा विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिसंबर 2025 में दुबई भेजा था। परिवार का कहना है कि अलग-अलग बहानों से करीब सात लाख रुपये लिए गए लेकिन इसके बावजूद रवि को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। रवि से फोन पर बातचीत के दौरान परिवार को बताया था कि वह मानसिक तनाव और कठिन परिस्थितियों में है। फिर अचानक उसकी मौत की सूचना मिली।

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