{"_id":"6aa0bbdaa8ef2b4b4a01d635","slug":"delhi-1-1-million-names-removed-from-voter-list-even-before-sir-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: एसआईआर से पहले ही मतदाता सूची से 11 लाख नाम हटे, विश्लेषण के आधार पर हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: एसआईआर से पहले ही मतदाता सूची से 11 लाख नाम हटे, विश्लेषण के आधार पर हुआ खुलासा
Wed, 09 Sep 2026 07:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 09 Sep 2026 07:22 AM IST
सार
31 जनवरी 2025 को दिल्ली की मतदाता सूची में 1,56,14,000 मतदाता थे। इसी सूची के आधार पर फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव हुआ था। 30 जून 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने के समय मतदाताओं की संख्या घटकर 1,45,10,299 रह गई यानी इस अवधि में मतदाता सूची से 11,03,701 नाम कम हुए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले ही मतदाता सूची से 11 लाख से अधिक नाम हटाए गए। इनमें अकेले अप्रैल 2026 में 3,39,509 नाम हटाए गए। मतदाता अधिकार मंच और सबर संस्थान के आंकड़ों के विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। यह विश्लेषण निर्वाचन आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रकाशित मतदाता सूची और मासिक नाम जोड़ने-हटाने के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। विश्लेषण में दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
31 जनवरी 2025 को दिल्ली की मतदाता सूची में 1,56,14,000 मतदाता थे। इसी सूची के आधार पर फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव हुआ था। 30 जून 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने के समय मतदाताओं की संख्या घटकर 1,45,10,299 रह गई यानी इस अवधि में मतदाता सूची से 11,03,701 नाम कम हुए। आंकड़ों के विश्लेषण में अप्रैल 2026 में नाम हटाए जाने की संख्या में अचानक बड़ी वृद्धि सामने आई। इस महीने अकेले 3,39,509 नाम हटाए गए।
विज्ञापन
यह संख्या इससे पहले के छह महीनों में हर महीने हटाए गए नामों के औसत से करीब 20 गुना बताई गई है। इतना ही नहीं, जुलाई से दिसंबर 2025 के दौरान किसी भी महीने जितने नाम हटाए गए थे, अप्रैल 2026 की संख्या उससे तीन गुना से भी अधिक रही।
विज्ञापन
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में कुल 1,70,451 की वृद्धि हुई थी। इसके उलट जनवरी से जून 2026 के दौरान मतदाताओं की संख्या में 11,70,885 की शुद्ध कमी दर्ज की गई। यहां कमी का अर्थ उस अवधि में जोड़े गए नामों को घटाने के बाद बची कमी से है।
68 विधानसभा क्षेत्रों में जीत के अंतर से ज्यादा नाम बाहर
आंकड़ों के विश्लेषण में 2025 के विधानसभा चुनाव के परिणामों की तुलना पुनरीक्षण में दिल्ली के 70 में से 68 विधानसभा क्षेत्रों में बाहर किए गए मतदाताओं की संख्या उस क्षेत्र में जीत के अंतर से अधिक है। विश्लेषण के अनुसार तुगलकाबाद में मतदाताओं के बाहर होने की दर सबसे अधिक 47.83 प्रतिशत रही। इसके बाद ओखला में 45.16, आरके पुरम में 44.36, कस्तूरबा नगर में 43.92, कालकाजी में 42.71, बदरपुर में 42.55, नई दिल्ली में 41.61 और जंगपुरा में 41.37 प्रतिशत रही।