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परेड सब्जी मंडी में चला बुलडोजर: करीब 20 दुकानें जमींदोज, जेएमसी की कार्रवाई पर बवाल; सड़कों पर उतरे व्यापारी

Sun, 09 Aug 2026 06:14 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Sun, 09 Aug 2026 06:14 PM IST
सार

जम्मू की परेड सब्जी मंडी में जेएमसी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 20 अस्थायी और पक्की दुकानों को ध्वस्त कर दिया।

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Demolition drive at Parade Sabzi Mandi in Jammu
परेड सब्जी मंडी जम्मू - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू शहर के पुराने इलाके में स्थित परेड सब्जी मंडी में रविवार सुबह जम्मू नगर निगम (जेएमसी) ने अतिक्रमण और पुनर्विकास अभियान के तहत करीब 20 अस्थायी और पक्की दुकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें पहले से पर्याप्त सूचना नहीं दी गई और सामान हटाने का समय भी नहीं मिला।

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जेएमसी की टीम ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में सुबह करीब सात बजे यह कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान 5.88 करोड़ की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पारंपरिक सब्जी मंडी के आधुनिकीकरण और व्यापक पुनर्विकास का हिस्सा है। परियोजना का शिलान्यास 22 जून को किया गया था।

हालांकि, दुकानदारों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए। परेड सब्जी मंडी वेजिटेबल एंड फ्रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि व्यापारियों के साथ बातचीत चल रही थी और इसके बावजूद अचानक कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने कहा कि व्यापारी मंडी के आधुनिकीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनके लिए उचित पुनर्वास और कारोबार के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था होनी चाहिए।

व्यापारियों का कहना है कि प्रस्तावित मंडी में रास्ते काफी संकरे रखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि सब्जी व्यापारी बड़ी मात्रा में माल लेकर आते हैं, ऐसे में केवल छह फुट चौड़े रास्ते से सामान अंदर ले जाना मुश्किल होगा।

दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि रविवार सुबह जब अधिकांश दुकानें बंद थीं, तभी टीम कार्रवाई के लिए पहुंच गई। कुछ दुकानदारों का दावा है कि दुकानों के अंदर सामान मौजूद था, जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। कुछ व्यापारियों ने अदालत से मिले कथित स्टे ऑर्डर की भी अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया।

व्यापारियों के मुताबिक मंडी की कुछ दुकानें करीब 100 साल पुरानी हैं और कई परिवारों की रोजी-रोटी इन्हीं पर निर्भर रही है। उन्होंने मांग की कि तोड़फोड़ आगे बढ़ाने से पहले प्रभावित दुकानदारों के लिए वैकल्पिक दुकान या वेंडिंग स्थान, उचित नोटिस, वास्तविक नुकसान का मुआवजा और स्पष्ट पुनर्वास योजना तैयार की जाए।

वहीं जेएमसी की पुनर्विकास योजना के तहत मंडी में मौसम से सुरक्षित आधुनिक कवर शेड बनाया जाना प्रस्तावित है। इसमें 117 वेंडर प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक का आकार 1.8 मीटर × 2.1 मीटर होगा। इसके अलावा सब्जी विक्रेताओं और संबंधित कारोबार के लिए 44 स्थायी व्यावसायिक दुकानें भी बनाई जाएंगी। परियोजना में स्वच्छता और सफाई पर जोर देते हुए आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है।

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