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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   From Kishtwar to Pulwama, the responsibility of security rests on the shoulders of a young IPS officer.

Jammu Kashmir: संवेदनशील जिलों की कमान नई पीढ़ी के हाथ, किश्तवाड़ से पुलवामा तक युवा अधिकारियों की तैनाती

Sat, 29 Aug 2026 12:12 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Sat, 29 Aug 2026 12:12 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील और आतंक प्रभावित जिलों में 2017 से 2021 बैच के युवा आईपीएस अधिकारियों को एसएसपी की जिम्मेदारी देकर सरकार ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

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From Kishtwar to Pulwama, the responsibility of security rests on the shoulders of a young IPS officer.
मुकुंद, हरिप्रसाद और साहिल सारंगल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित और अति-संवेदनशील जिलों में शांति और सुरक्षा की कमान अब युवा कंधों पर है। 2017 से 2021 बैच के ऊर्जावान आईपीएस अधिकारियों को किश्तवाड़, पुलवामा, डोडा और रियासी जैसे अहम जिलों का एसएसपी बनाकर सरकार ने नई पीढ़ी की नेतृत्व क्षमता पर गहरा भरोसा जताया है।

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From Kishtwar to Pulwama, the responsibility of security rests on the shoulders of a young IPS officer.
मोहिता शर्मा, कार्तिक श्रोत्रिया और सनी गुप्ता - फोटो : सोशल मीडिया

यह बदलाव महज एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि चुनौतीपूर्ण हालातों में त्वरित व सटीक फैसले लेने और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए युवा जोश को सीधे मोर्चे पर लगाने की एक बड़ी और सकारात्मक पहल है। गत 27 अगस्त को हुए 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी सनी गुप्ता को किश्तवाड़ का एसएसपी नियुक्त किया गया। एसपी अनंतनाग के रूप में महज तीन महीने की सेवा के बाद उन्हें यह पहली जिला कमान सौंपी गई है। इतने कम अनुभव में आतंकवाद की चुनौती वाले जिले की जिम्मेदारी मिलना युवा नेतृत्व पर बढ़ते भरोसे का सीधा प्रमाण है। यह सकारात्मक बदलाव केवल एक-दो जिलों तक सीमित नहीं है। 2017 बैच के साहिल सारंगल दक्षिण कश्मीर के अति-संवेदनशील पुलवामा और मोहित शर्मा कठुआ में पुलिस कप्तान की अहम भूमिका निभा रहे हैं।

पुलवामा, कुलगाम, किश्तवाड़ और डोडा जैसे जिले लंबे समय से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए केंद्र में रहे हैं। इन क्षेत्रों में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाने, अचानक पैदा होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थितियों को संभालने और जवानों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए युवा अधिकारियों को मोर्चे पर लगाया गया है। यह तैनाती उनके लिए महज एक प्रशासनिक अनुभव नहीं, बल्कि फील्ड पर उनके कुशल नेतृत्व और साहस की एक बड़ी परीक्षा है।

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इन युवाओं के जिम्मे जिले
अधिकारी बैच जिला
साहिल सारंगल 2017 पुलवामा
अनायत चौधरी 2017 कुलगाम
मोहिता शर्मा 2017 कठुआ
अनुज कुमार 2018 सांबा
सनी गुप्ता 2020 किश्तवाड़
हरिप्रसाद केके 2021 बडगाम
मुकंद तिब्रेवाला 2021 रियासी
कार्तिक श्रोत्रिया 2021 डोडा
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