खौफ ग्रुप की धमकी: इंस्टाग्राम पर गैंगवार का खुला प्रदर्शन, सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ दिख रहे गैंगस्टर
जम्मू, सांबा और कठुआ में गैंगस्टर सोशल मीडिया पर हथियारों और हथकड़ियों के साथ सक्रिय होकर गैंगवार की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पिछले तीन साल में गैंगवार बढ़ी है और जेल से बंद गैंगस्टर फिर से सक्रिय हुए हैं।
विस्तार
जम्मू, सांबा व कठुआ में गैंगस्टर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हथियार-हथकड़ी के साथ फोटो शेयर कर रहे हैं। कभी जेल से तो कभी गैंगवार की वीडियो डालकर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं।
खौफ ग्रुप नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट वायरल हुआ है। इसमें गैंगस्टर खुद को नशा तस्करों से अलग और देश विरोधी न होने की बात कह रहे हैं, साथ ही खुलेआम गैंगवार की धमकी दे रहे हैं। ऐसे पोस्ट वायरल होने से जम्मू पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
कुछ दिन पहले कोट भलवाल जेल से नशा तस्कर के फोटो सामने आए थे। जेल के अंदर वह खुद को बाहुबली के रूप में दिखा रहा था। यूपी, बिहार, राजस्थान और पंजाब की तरह जम्मू, सांबा व कठुआ में गैंगस्टरों की सक्रियता कितनी हैं, इसका अंदाजा 2024 में कठुआ में गैंगस्टर के साथ मुठभेड़ में पीएसआई दीपक शर्मा की मौत और जनवरी 2025 में जम्मू के ज्यूल चौक में दिनदहाड़े सुमित जंडियाल उर्फ गटारू हत्या से लगाया जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई शुरू की। 15 साल से सक्रिय गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर व कुख्यात अपराधियों की सूची तैयार की।
2025 में जम्मू में 123 हार्डकोर अपराधियों व गैंगस्टरों की पहचान की। 59 एफआईआर दर्ज कर 67 को गिरफ्तार किया। हालांकि अभी तक 56 गैंगस्टर पकड़ से बाहर हैं। मगर गटारू हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर का महिमामंडन तेज हो गया।
पोस्ट में यह लिखा...
इंस्टाग्राम में खौफ ग्रुप नाम का अकाउंट बना हुआ है। इसमें वायरल हुई पोस्ट लिखा है कि ग्रुप का नशा तस्करों या जहर बेचने वालों से कोई लेना-देना नहीं है। यह भी कहा गया है कि वे देश विरोधी नहीं है और न ही उन संगठनों के साथ हैं। आम लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। उनकी जिससे दुश्मनी है वह समय आने पर उसे मार देंगे। दुश्मनों को सीधे या परोक्ष रूप से मदद करने वालों को भी दुश्मन माना जाएगा।
तीन वर्ष में बढ़ी गैंगवार
जम्मू में पिछले तीन वर्ष से गैंगवार बढ़ी है। इससे पहले गैंगवार का दौर लगभग खत्म हो गया था। बड़े गैंगस्टर किसी न किसी वारदात को लेकर जेल चले गए या फिर गैंगवार में मारे गए। मगर अब जेलों में लंबे समय से बंद गैंगस्टर सक्रिय हो गए और गैंगवार दोबारा शुरू हो गई। इसी बीच कई वारदात सामने आई जो गुर्गों की मदद से की गई।