डॉक्टर बनने गया था पाकिस्तान, बन गया आतंकी: अल-बद्र की जड़ें सींचने वाला हमजा ढेर, मुजफ्फराबाद में मारा गया
पाकिस्तान में अल-बद्र आतंकी संगठन से जुड़े कश्मीरी युवक हमजा बुरहान उर्फ अरजुमंद गुलजार डार को अज्ञात हमलावरों ने मुजफ्फराबाद के पास मार गिराया। वह फर्जी पहचान के साथ रहकर आतंकी नेटवर्क और भर्ती गतिविधियां चला रहा था तथा कश्मीरी युवाओं को संगठन में शामिल करने का काम कर रहा था।
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दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का हमजा बुरहान ने पाकिस्तान में जाने के बाद किताबों के बजाय बंदूक पकड़ ली। अन्य आतंकी कमांडरों की तरह वह भी मासूम कश्मीरी युवाओं को बरगलाने का अभियान चलाकर उन्हें आतंक की राह पर धकेलने लगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार हमजा पाकिस्तान से ही कश्मीर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र की जड़ें सींचने में लगा हुआ था। कश्मीरी युवाओं को अल-बद्र में शामिल करने का जिम्मा हमजा को सौंपा गया था लेकिन दूसरों को जन्नत के ख्वाब दिखाने वाला आज खुद 'जन्नत में 72 हूरों' के पास पहुंच गया।
रिपोर्टों के अनुसार हमजा को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद के पास एक घने जंगली इलाके में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया। हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह पिछले कई वर्षों से पीओके में एक स्कूल टीचर की फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। इसी की आड़ में वह आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ के नेटवर्क को चला रहा था।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि 27 वर्षीय हमजा का असली नाम अरजुमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर है। वह दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के रत्नीपोरा के खरबतपोरा गांव का रहने वाला था। वह आतंकी संगठन अल बद्र का सदस्य था। वह वैध दस्तावेजों पर पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में जाकर वह अल बद्र का कमांडर बन गया। वह सीमा पार से ही संगठन के लिए फंडिंग कर रहा है।
हमजा के पिता गुलजार बोले-जिसने गलत रास्ता अपनाया वो मारा गया...परिवार को न मिले सजा
पुलवामा जिले के अरजुमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर उर्फ हमजा बुरहान के पिता गुलजार अहमद डार ने कहा कि उसके जिस बेटे हमजा ने गलत रास्ता चुना, वह मारा गया है। अब उसकी सजा परिवार के सदस्यों को न दी जाए।
गुलजार ने बताया कि उनका बेटा अरजुमंद 28 जनवरी, 2017 को एमबीबीएस करने पाकिस्तान गया था। मेरी कोई सलाह लिए बिना वह खुद चला गया था। इसके पहले वह राजीव गांधी यूनिवर्सिटी बंगलूरू में पढ़ रहा था। वहां से पहले सेमेस्टर के बाद दिसंबर में घर लौट आया था और जनवरी में वापस चला गया। 13 दिन बाद पता चला कि हमजा पाकिस्तान चला गया है। गुलजार ने बताया कि उसके बेटे के पाकिस्तान जाने की बात जैसे ही पता चली, हमने तुरंत पुलिस और अन्य एजेंसियों को सूचित किया। हमने उससे (अरजुमंद) कहा कि एक महीने का वीजा है वापस आ जाओ लेकिन एक महीने के बाद उसने अपना स्टूडेंट वीजा डाला और कहा कि मैं पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा हूं।
गुलजार ने कहा, हमने उस संबंध में दस्तावेज भी पुलिस और एजेंसियों के हवाले कर दिए। बदकिस्मती से दो माह बाद पता चला कि उसने गलत रास्ता अपनाया है। इसके बाद हमने उससे संबंध तोड़ लिए। तब से हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं था। परिवार ने उसके चलते मुश्किल समय बिताया है।
बड़ा भाई जेल में है बंद
गुलजार ने बताया कि हमजा के पाकिस्तान जाने के बाद मेरे बड़े बेटे शाहिद गुलजार (2019 बैच केएएस क्वालीफाई) को 2022 में गिरफ्तार कर लिया गया। वह पिछले पांच वर्षों जम्मू जेल में बंद है। दूसरा बेटा आरिफ गुलजार जो पीएचडी और नेट क्वालीफाई किया है, उसे रिसर्च के लिए रूस जाना था, लेकिन उसका पासपोर्ट जब्त किया गया है।