Target Killing Case: आरक्षित संवर्ग के कर्मचारियों की तबादला नीति के लिए बनी कमेटी, तीन हजार कर्मियों को राहत
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आंदोलनरत आरक्षित संवर्ग के कर्मचारियों की जांच के लिए समिति बनाने का आदेश जारी किया। समिति के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं।
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कश्मीर में लक्षित हत्याओं के बढ़ने और कुलगाम में तैनात सांबा निवासी शिक्षिका रजनी बाला की हत्या के बाद जम्मू संभाग में तैनाती की मांग को लेकर आंदोलनरत आरक्षित संवर्ग के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने सोमवार को स्थानांतरण संबंधी मांगों पर विचार करने के लिए कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी तय समय में अपनी रिपोर्ट देगी।
जम्मू संभाग के लगभग तीन हजार कर्मचारी आरक्षित संवर्ग में कश्मीर संभाग में तैनात हैं। इनमें ज्यादातर शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह ट्वीट कर कमेटी बनाने की जानकारी दी और शाम को सरकार की ओर से समिति बनाने का आदेश जारी कर दिया गया। समिति के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं।
इसके साथ ही मंडलायुक्त कश्मीर व जम्मू, समाज कल्याण विभाग के आयुक्त सचिव, प्रशिक्षण विभाग के सचिव और कानून विभाग के सचिव को सदस्य के रूप में रखा गया है। समिति जम्मू संभाग के आरक्षित संवर्ग के उन कर्मचारियों के तबादला संबंधी मुद्दों का परीक्षण करेगी जिनकी तैनाती कश्मीर संभाग में है।
उप राज्यपाल ने ट्वीट किया कि समिति सभी पहलुओं की जांच करके समयबद्ध तरीके से सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। आरक्षित श्रेणी के कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति की लंबे समय से मांग लंबित रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने समिति का गठन किया है।
पिछले 56 दिनों से जम्मू में कर रहे आंदोलन
ज्ञात हो कि शिक्षिका रजनी बाला की कुलगाम में आतंकियों की ओर से हत्या किए जाने के बाद आरक्षित संवर्ग के ज्यादातर कर्मचारी घाटी छोड़कर जम्मू चले आए। यहां वे आंबेडकर चौक पर पिछले 56 दिन से रोजाना धरना प्रदर्शन कर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे हैं। पिछले दिनों सरकार ने रजनी बाला के पति का तबादला सांबा जिले में कर दिया था।