Jammu Kashmir Target Killing: गृह मंत्री शाह की सख्ती और रणनीति के बाद टारगेट किलिंग पर नकेल, सुरक्षाबलों का आतंकियों पर प्रहार तेज
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली में बैठक के बाद अमरनाथ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने, टारगेट किलिंग को रोकने और आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए रणनीति तैयार की गई। इस खास रणनीति के तहत ही सीमा पार से अमरनाथ यात्रा के दौरान गड़बड़ी के इनपुट मिलने पर सुरक्षा ग्रिड और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया।
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सख्ती और रणनीति के बाद घाटी में टारगेट किलिंग पर नकेल कसने लगी है। आतंकियों पर प्रहार भी तेज हुए हैं। अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाना भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में तेजी की वजह माना जा रहा है। पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ अभियान पर सुरक्षा बलों का जोर है।
20 दिनों में दहशतगर्दों के खिलाफ 15 ऑपरेशन
जून में 20 दिनों में दहशतगर्दों के खिलाफ 15 ऑपरेशन चलाए गए। इनमें 7 पाकिस्तानी समेत 27 आतंकियों का सफाया किया गया। सीमा पार हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहे आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। इसके 19 आतंकी मारे गए।
टारगेट किलिंग को रोकने के लिए रणनीति तैयार
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली में बैठक के बाद अमरनाथ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने, टारगेट किलिंग को रोकने और आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए रणनीति तैयार की गई। इस खास रणनीति के तहत ही सीमा पार से अमरनाथ यात्रा के दौरान गड़बड़ी के इनपुट मिलने पर सुरक्षा ग्रिड और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया।
आतंकियों को ढूंढ निकालने में ड्रोन की भी मदद
खुफिया और स्थानीय लोगों की सूचना पर उत्तर, दक्षिण व मध्य कश्मीर में ऑपरेशन चलाए गए। सटीक सूचनाओं से आतंकियों को भागने तक का मौका नहीं मिल पा रहा। आतंकियों को ढूंढ निकालने में ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। ऐसे इनपुट हैं कि आतंकी तंजीमों को किसी भी प्रकार अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की हिदायत दी गई है।
अमरनाथ यात्रा के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती
इस वजह से खासकर यात्रा रूट पर सुरक्षा बलों की नजर है। जम्मू से लेकर पहलगाम और बालटाल तक पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों को मुस्तैद रखा गया है। अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। सेना की ओर से सकुशल व सुरक्षित यात्रा के लिए ऑपरेशन शिवा चलाया गया है।
आतंकियों के पारिस्थितिकी तंत्र पर चोट
घाटी में आतंकियों के खिलाफ ही अभियान नहीं चल रहा, बल्कि आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए उनके पारिस्थितिकी तंत्र पर चोट की जा रही है ताकि बंदूक उठाने के लिए युवाओं को कोई बरगला न सके। इसी रणनीति के तहत जमात से जुड़े स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। आरोप है कि इन स्कूलों से हिंसा का दुष्चक्र रचा जाता रहा है। वर्ष 2008, 2010 व 2016 की हिंसा में इन स्कूलों की भूमिका को एसआईए की जांच में संदेह के घेरे में रखा गया है।
पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ अभियान
आईजी कश्मीर विजय कुमार का कहना है कि घाटी में आतंकवाद निरोधक अभियान खासकर पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ जारी रहेगा। महिला, बच्चों समेत निर्दोष नागरिकों, निहत्थे पुलिसकर्मियों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर आतंकी घाटी में शांति स्थापित करने के प्रयासों को झटका नहीं पहुंचा सकते हैं। दक्षिणी, उत्तरी और मध्य कश्मीर में अभियान और प्रभावी तरीके से चलता रहेगा।
इस साल अब तक 18 लक्षित हत्याएं
मई से लेकर जून के शुरूआत तक घाटी में लक्षित हत्याओं से लोगों में दहशत का माहौल रहा। दो जून को बैंक मैनेजर विजय कुमार की हत्या के बाद गृह मंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में हत्याओं को रोकने की रणनीति बनी। इसके बाद 15 दिनों तक यह सिलसिला थमा रहा।
सभी हत्याएं पिस्टल से की गईं
18 जून को पुलवामा में आतंकियों ने खेत में काम करने गए एक एसआई की गोली मारकर हत्या कर दी जो इस वर्ष 18वीं लक्षित हत्या थी। इससे पहले मई में दो पुलिसकर्मियों, कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट, टीवी अदाकारा व शिक्षिका रजनी बाला को भी मार डाला था। सभी हत्याएं पिस्टल से की गईं थीं।
कब कितने आतंकी ढेर
- जनवरी 20
- फरवरी 07
- मार्च 13
- अप्रैल 24
- मई 27
- जून 27