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Good Governance Index: सुशासन के मामले में जम्मू का दबदबा कायम, कठुआ सबसे नीचे; खेती-पर्यावरण में कश्मीर आगे
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 25 Mar 2026 06:02 AM IST
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सार
जम्मू ने एक बार फिर जिला सुशासन सूचकांक (DGGI) 5.0 में पहला स्थान हासिल किया है। कठुआ सबसे नीचे रहा है। वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में 20 जिलों का आकलन 10 क्षेत्रों और 58 मानकों के आधार पर किया गया है।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
बेहतर प्रशासन और सेवाओं के दम पर जम्मू ने एक बार फिर जिला सुशासन सूचकांक (DGGI) 5.0 में पहला स्थान हासिल किया है। कठुआ सबसे नीचे रहा है। वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में 20 जिलों का आकलन 10 क्षेत्रों और 58 मानकों के आधार पर किया गया है।
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सरकार के योजना, विकास एवं निगरानी विभाग और अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू जिला 7.0552 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा। पुलवामा 6.7655 अंक के साथ दूसरे और सांबा 6.7587 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं कठुआ 5.5826 अंक के साथ 20वें स्थान पर सबसे नीचे रहा।
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रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जिलों के बीच अंकों का अंतर बहुत अधिक नहीं है जिससे कड़ी प्रतिस्पर्धा का संकेत मिलता है। जम्मू कुछ क्षेत्रों में थोड़ा पीछे जरूर रहा लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास और नागरिक सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के दम पर उसने पहला स्थान बरकरार रखा। दूसरी ओर कठुआ कई अहम क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका जिससे उसकी रैंकिंग नीचे चली गई।
रिपोर्ट में कुछ जिलों ने उल्लेखनीय सुधार किया है। कुपवाड़ा 19वें स्थान से 12वें स्थान पर पहुंच गया। गांदरबल और उधमपुर ने भी रैंकिंग बेहतर की। दूसरी ओर शोपियां की रैंकिंग 6 से गिरकर 15 हो गई। राजोरी 8 से 16 और बडगाम 14 से 19 पर खिसक गया। इस सूचकांक में केवल मौजूदा स्थिति ही नहीं बल्कि पिछले वर्षों के मुकाबले सुधार को भी ध्यान में रखा गया है। उन मानकों को अधिक महत्व दिया गया है जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।
खेती और पर्यावरण में कश्मीर आगे, कानून-व्यवस्था में जम्मू संभाग मजबूत
रिपोर्ट से यह तस्वीर भी उभरती है कि कश्मीर के कई जिले खेती और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में आगे हैं जबकि जम्मू संभाग के जिले स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खेती-बाड़ी के क्षेत्र में पुलवामा पहले स्थान पर रहा जबकि किश्तवाड़ और डोडा भी शीर्ष जिलों में शामिल रहे। स्वास्थ्य सेवाओं में कुलगाम सबसे आगे रहा उसके बाद सांबा और जम्मू का स्थान रहा।
सड़क, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के मामले में गांदरबल, शोपियां और श्रीनगर आगे रहे। वित्तीय सेवाओं में रियासी पहले स्थान पर रहा जबकि सांबा और पुलवामा भी आगे रहे। कानून-व्यवस्था के मामले में उधमपुर शीर्ष पर रहा जबकि अनंतनाग और जम्मू ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। पर्यावरण के क्षेत्र में गांदरबल पहले स्थान पर रहा। आम लोगों को सेवाएं देने के मामले में कुलगाम और श्रीनगर संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे।
जिलों के बीच बढ़ेगी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, कमजोर क्षेत्रों में होगा सुधार
यह सूचकांक जिलों के कामकाज को परखने का एक व्यापक पैमाना है। इसमें खेती, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचा, वित्तीय सेवाएं, सामाजिक योजनाएं, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण और नागरिक सेवाओं जैसे 10 क्षेत्रों को शामिल किया गया है। कुल 58 मानकों के आधार पर जिलों को अंक देकर उनकी रैंकिंग तय की गई है।
सरकार का मानना है कि इस सूचकांक से जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकेगा। इसे और प्रभावी बनाने के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है जिससे जिलों के कामकाज की लगातार निगरानी संभव होगी।