{"_id":"58ad282a4f1c1b5e15b22fc3","slug":"mehbooba-mufti-visited-jagti-town","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री महबूबा ने कहा, हालात सामान्य होते ही होगी कश्मीरी पंडितों की वापसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री महबूबा ने कहा, हालात सामान्य होते ही होगी कश्मीरी पंडितों की वापसी
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:27 AM IST
विज्ञापन
लोगों को संबोधित करतीं सीएम महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कश्मीरी विस्थापित कैंपों का दौरा कर वहां पर रह रहे विस्थापितों की सुध ली और उन्हें शिवरात्रि के महापर्व पर मुबारकबाद दी। उनकी समस्याओं को सुनने के साथ इनके समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कश्मीर में हालात सामान्य बनाने की ओर अग्रसर हैं।
हालात साजगार होते ही वह विस्थापितों को घाटी में बसाने का काम शुरू कर देंगी। उन्होंने कहा कि पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। कुछ ताकतें सरकार के कामकाज में बाधा डाल हालात को सामान्य नहीं होना देना चाहती, ताकि विकास की गाड़ी को आगे बढ़ाया जाए और लोगों की मूलभूत समस्याओं को हल किया जाए। गत वर्ष कश्मीर में हिंसा से बहुत सी जानें चली गईं और विकास कार्य ठप पड़ गए। ऐसे में नुकसान भी आम जनता का ही हुआ।
पुरखू कैंप में पीडीपी के प्रधान दिलीप रैणा ने पंडितों की समस्याओं को उठाया। इसके अलावा जगती में यूथ आफ जगती संगठन के प्रधान नवीन गोसानी ने भी माग पत्र सौंपा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उन्हें पूर्ण रूप से बसाए, चाहे यह जम्मू में हो या फिर कश्मीर में। हम लोग बार-बार उठना नहीं चाहते हैं।
विज्ञापन
सरकार की ओर से जारी रोजगार पैकेज पर तुरंत अमल किया जाए, जिससे बेरोजगार युवाओं को नौकरियां मिल सकें। पंडितों की कश्मीर में रह गई जमीन जायदाद का मुआवजा दिया जाए। पंडितों के जिन घरों और अन्य संस्थानों को जलाया गया था, उनका अभी तक मुआवजा नहीं मिला। सरकार ने 50 प्रतिशत मुआवजा दिया था, जबकि बाकी का अभी भी बकाया है।
सरकार को चाहिए कि वह जल्द रिलीज करे। रिलीफ विभाग के पास पंजीकृत सभी परिवारों को घर मुहैया करवाए जाएं। इस मौके पर मंत्री अब्दुल रहमान वीरी, रिलीफ कमिश्नर के अलावा सरकारी अधिकारी भी मौजूद थे।
विज्ञापन
हालात साजगार होते ही वह विस्थापितों को घाटी में बसाने का काम शुरू कर देंगी। उन्होंने कहा कि पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। कुछ ताकतें सरकार के कामकाज में बाधा डाल हालात को सामान्य नहीं होना देना चाहती, ताकि विकास की गाड़ी को आगे बढ़ाया जाए और लोगों की मूलभूत समस्याओं को हल किया जाए। गत वर्ष कश्मीर में हिंसा से बहुत सी जानें चली गईं और विकास कार्य ठप पड़ गए। ऐसे में नुकसान भी आम जनता का ही हुआ।
विज्ञापन
पुरखू कैंप में पीडीपी के प्रधान दिलीप रैणा ने पंडितों की समस्याओं को उठाया। इसके अलावा जगती में यूथ आफ जगती संगठन के प्रधान नवीन गोसानी ने भी माग पत्र सौंपा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उन्हें पूर्ण रूप से बसाए, चाहे यह जम्मू में हो या फिर कश्मीर में। हम लोग बार-बार उठना नहीं चाहते हैं।
विज्ञापन
सरकार की ओर से जारी रोजगार पैकेज पर तुरंत अमल किया जाए, जिससे बेरोजगार युवाओं को नौकरियां मिल सकें। पंडितों की कश्मीर में रह गई जमीन जायदाद का मुआवजा दिया जाए। पंडितों के जिन घरों और अन्य संस्थानों को जलाया गया था, उनका अभी तक मुआवजा नहीं मिला। सरकार ने 50 प्रतिशत मुआवजा दिया था, जबकि बाकी का अभी भी बकाया है।
सरकार को चाहिए कि वह जल्द रिलीज करे। रिलीफ विभाग के पास पंजीकृत सभी परिवारों को घर मुहैया करवाए जाएं। इस मौके पर मंत्री अब्दुल रहमान वीरी, रिलीफ कमिश्नर के अलावा सरकारी अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री के सामने की नारेबाजी
MEHBOOBA MUFTI
- फोटो : Amar Ujala
जगती में मुख्यमंत्री के सामने कश्मीरी पंडितों ने नारेबाजी की। उन्होंने रिलीफ कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।
कश्मीरी पंडितों का कहना है कि पिछले दिनों रिलीफ कमिश्नर ने जगती में लोगों के साथ अशोभनीय व्यवहार किया था। पंडितों ने तो केवल राशन न मिलने की शिकायत की थी।
कश्मीरी पंडितों का कहना है कि पिछले दिनों रिलीफ कमिश्नर ने जगती में लोगों के साथ अशोभनीय व्यवहार किया था। पंडितों ने तो केवल राशन न मिलने की शिकायत की थी।