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जमात-ए-इस्लामी फंडिंग मामला: पाकिस्तान में बैठे आतंकी पर एनआईए कोर्ट सख्त, मुश्ताक मीर भगोड़ा घोषित

Wed, 14 Oct 2026 02:46 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 14 Oct 2026 02:46 PM IST
सार

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में राजौरी निवासी मुश्ताक अहमद मीर को भगोड़ा घोषित किया है। उस पर अल-हुदा एजुकेशन ट्रस्ट के जरिए प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के लिए धन जुटाने का आरोप है और उसके पाकिस्तान या पीओके में छिपे होने की आशंका है।

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NIA court in Jammu declares Pak-based terrorist proclaimed offender in terror-funding case Jammu
NIA - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले में पाकिस्तान में मौजूद आतंकी मुश्ताक अहमद मीर को भगोड़ा घोषित कर दिया है। यह मामला अल-हुदा एजुकेशन ट्रस्ट (एएचईटी) के जरिए कथित तौर पर धन जुटाने और प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी की गतिविधियों के लिए उसका इस्तेमाल करने से जुड़ा है।

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विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 84 के तहत दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने कहा कि मुश्ताक के खिलाफ पहले गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वह न तो गिरफ्तार हुआ और न ही अदालत में पेश हुआ। उसके खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया पूरी करने और समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित कराने के बावजूद उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी।

मुश्ताक अहमद मीर राजौरी जिले की दरहाल तहसील के थानामंग गांव का निवासी है। बताया जाता है कि वह 1995-96 में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर आतंकवाद में शामिल होने के लिए चला गया था। फिलहाल उसके पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सक्रिय होने की आशंका है।

एनआईए का मामला वर्ष 2022 का है। इसमें आरोप है कि फरवरी 2019 में जमात-ए-इस्लामी को गैरकानूनी संगठन घोषित किए जाने के बाद भी एएचईटी के माध्यम से उसके लिए धन जुटाया और इस्तेमाल किया गया। अगस्त 2025 में विशेष एनआईए अदालत ने इस मामले में मुश्ताक और एएचईटी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

मुश्ताक की गिरफ्तारी की निकट भविष्य में संभावना नहीं दिखने पर अदालत ने एनआईए की अर्जी स्वीकार करते हुए उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।

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