पीएम मोदी ने किया था ऐलान, फिर भी हक के लिए भटक रहे हैं ये लोग
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प्रधानमंत्री की तरफ से मंजूर किए 2000 करोड़ के पैकेज की राशि के वितरण को लेकर पीओके रिफ्यूजियों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन की तरफ से मांगी गईं औपचारिकताएं को पूरी करने के लिए रिफ्यूजी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इन्हें पूरा नहीं किया जा सका है।
नवंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीओके रिफ्यूजियों के पुनर्वास के लिए 2000 करोड़ के पैकेज का एलान किया था। इसके बाद रिफ्यूजियों ने राहत की सांस ली थी।
करीब सात महीने पहले प्रशासन ने पैकेज की राशि के वितरण के लिए अधिसूचना जारी की, जिसमें रिफ्यूजियों से पैकेज की राशि के लिए 11 औपचारिकताएं मांगी गईं, जिसमें पीओके में रहने का रिकार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड व अन्य कई तरह की औपचारिकताएं थीं।
सरकारी प्रक्रिया से नाराज हैं रिफ्यूजी
इन औपचारिकताओं को पूरा करना रिफ्यूजियों के लिए बहुत मुश्किल था। आंदोलन के बाद प्रशासन ने इन औपचारिकताओं को घटाकर छह कर दिया, लेकिन रिफ्यूजियों के लिए इनको भी पूरा करना मुश्किल था। अब विरोध के बाद प्रशासन ने इनकी संख्या चार कर दी है।
यह भी रिफ्यूजियों के लिए परेशानी का सबब है। रिफ्यूजियों का कहना है कि पहले सरकार ने 25 लाख रुपये पैकेज देने के सपने दिखाए थे, लेकिन जब पैकेज देने की बारी आई तो इसकी राशि साढ़े पांच लाख रुपये कर दी। इसको देने के लिए भी प्रशासन व सरकार केवल परेशानियां ही पैदा कर रही है।