बारिश..बाढ़ और भूस्खलन ने दिए गहरे जख्म: घाटी में 4000 घर ध्वस्त, 3000 स्कूल बर्बाद, 2500 KM सड़कें गायब
सूत्रों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और क्लाउडबर्स्ट में कनेक्टिविटी को तगड़ा झटका लगा है। दो हजार से 2500 किलोमीटर तक की संपर्क सड़कें, मुख्य मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पुलों को नुकसान पहुंचा है। सर्वे में यह भी पाया गया कि हजारों कनाल खेती की जमीन बर्बाद हो गई है।
विस्तार
बीते दिनों बारिश-बाढ़-भूस्खलन और क्लाउडबर्स्ट ने जम्मू-कश्मीर को गहरे जख्म दिए हैं। जम्मू-कश्मीर में 4000 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जबकि 10 हजार घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में पशु मारे गए हैं। सड़कें, राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं और स्वास्थ्य व चिकित्सा का ढांचा चरमरा गया है। भाजपा के 250 पदाधिकारियों समेत हजारों कार्यकर्ताओं ने सर्वे करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है, जिसे जल्द ही केंद्र को सौंपा जाएगा।
दिवाली से पहले सौंपी जा सकती है केंद्र को रिपोर्ट
अगस्त में मचैल माता यात्रा के दौरान चिशोती से आपदा की शुरुआत हुई। उसके बाद कटड़ा में भूस्खलन और फिर बारिश-बाढ़ ने पूरे प्रदेश को नुकसान पहुंचाया। कठुआ, उधमपुर, जम्मू समेत प्रदेश के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने प्रभावित इलाकों में सर्वे शुरू करने के लिए कमेटी बनाई थी। दिवाली से पहले यह रिपोर्ट केंद्र को सौंपने की तैयारी है, इस उम्मीद के साथ कि इस दिवाली जम्मू-कश्मीर का हर घर रोशन हो सके। रिपोर्ट की खास बात यह है कि इसमें बच्चों की कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म-बैग तक के नुकसान को शामिल किया गया है।
खेती की जमीन बर्बाद
सूत्रों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और क्लाउडबर्स्ट में कनेक्टिविटी को तगड़ा झटका लगा है। दो हजार से 2500 किलोमीटर तक की संपर्क सड़कें, मुख्य मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पुलों को नुकसान पहुंचा है। सर्वे में यह भी पाया गया कि हजारों कनाल खेती की जमीन बर्बाद हो गई है। आने वाले लंबे समय तक इन्हें तैयार करना किसानों के लिए चुनौती होगी। शिक्षा के स्तर पर देखें तो इस आफत ने शैक्षिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया ही है। सर्वे में यह पाया गया कि 2500 से 3000 स्कूली भवनों को नुकसान पहुंचा है। बच्चों की कॉपी-किताब, युवाओं के लैपटॉप, पढ़ने-लिखने से जुड़ी सामग्री का भी खूब नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में पशु संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। पीने के पानी के स्रोत, बिजली ढांचे, सीवरेज व ड्रेनेज सिस्टम पर भी आसमानी आफत ने चोट की है।
2500 के करीब जल शक्ति परियोजनाएं
150-200 स्वास्थ्य ढांचे चरमराए
1350 पशुओं के आश्रय स्थल
3000 के करीब पोल्ट्री फार्म
रिपोर्ट में शामिल कुछ सिफारिशें
छह महीने का राशन मुफ्त मिले किसानों को
पशु संपत्ति के हुए नुकसान की भरपाई में मानकों में ढील दी जानी चाहिए
किसानों को मुफ्त बीज
भविष्य में इस तरह के संकट से निपटने की तैयारी के लिए सुझाव
हर छोटे-बड़े नाले में चेक डैम बनाए जाएं
चिनाब, तवी की ड्रेजिंग बहुत जरूरी है, इस पर काम शुरू करने की आवश्यकता है
तत्काल राहत उपायों के साथ ही हमें दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करना होगा
जम्मू में जिस तरह के हालात हुए, वे फिर न हों, इसके लिए हमें नगर निगम के स्तर पर समग्र योजना की जरूरत है
क्यों खास है ये रिपोर्ट
पाकिस्तानी गोलाबारी में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की टीम ने एक रिपोर्ट तैयार की थी। केंद्र की ओर से नुकसान के आकलन पर जो राहत पैकेज दिया गया था, उसमें और भाजपा की सर्वे रिपोर्ट लगभग समान थी।
...तो इस दिवाली जम्मू-कश्मीर में होंगे पीएम
बाढ़-भूस्खलन-क्लाउडबर्स्ट से मची तबाही के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जम्मू-कश्मीर का दौरा करके जा चुके हैं। उनके जाने के बाद से ही पीएम नरेंद्र मोदी के आने का इंतजार किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के लोगों को यह उम्मीद है कि दिवाली पर या उसके आसपास प्रधानमंत्री राहत पैकेज के ऐलान के लिए प्रदेश का दौरा कर सकते हैं। 2014 की आपदा के बाद भी पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदेश का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने 1000 करोड़ रुपये के पैकेज का मौके पर ही एलान किया था।
सर्वे पूरा हो गया है, रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी
जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भाजपा ने विधायक व पूर्व मंत्री शामलाल शर्मा के नेतृत्व में कमेटी बनाई है। रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर शामलाल शर्मा ने कहा कि सर्वे के बाद रिपोर्ट कंपाइलेशन का काम चल रहा है, जल्द ही रिपोर्ट केंद्र को सौंपी जाएगी।