Jammu Kashmir: मान्यता खत्म पर सियासत जारी; नेकां-कांग्रेस पीडीपी हमलावर, भाजपा का तीखा प्रतिकार
श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) की मान्यता रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है, जिसमें नेकां, पीडीपी और कांग्रेस ने केंद्र व भाजपा पर हमला किया है। भाजपा और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने शिक्षा को राजनीति और धर्म से ऊपर रखने का पक्ष रखा, जबकि फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी ने इसे छात्रों के साथ अन्याय और देश के लिए झटका बताया।
विस्तार
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का मेडिकल काॅलेज बंद होने के साथ आंदोलन तो खत्म हो गया किंतु राजनीति जारी है। भाजपा ने कहा कि इस मामले में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं करनी चाहिए। वहीं, उमर के बाद अब उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी इसमें उतर आए। नेकां ही नहीं, पीडीपी और कांग्रेस ने भी संस्थान बंद होने पर केंद्र व भाजपा पर तीखा हमला किया। भाजपा ने इसका भी तीखा प्रतिकार किया है और कहा कि भड़काऊ बयान देने से बचा जाना चाहिए।
हिंदू-मुस्लिम की बात करना गलत : कौल
भाजपा महासचिव (संगठन) अशोक कौल ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की मान्यता रद्द होने में भाजपा का कोई हाथ नहीं है। मुस्लिम छात्रों के दाखिले पर विरोध को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से उठाए गए सवाल पर बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, इसमें हिंदू-मुस्लिम की बात करना गलत है।
इंस्टीट्यूट बंद होने से छात्रों का ही फायदा हुआ है। वीरवार को पार्टी कार्यालय में वोकल फॉर लोकल मेले में शामिल हुए कौल ने मान्यता रद्द होने के सवाल पर कहा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया था। यहां पर उन्हें कई प्रकार की खामियां नजर आईं। स्टाफ की कमी, कमरों की कमी के अलावा संस्थान वाला इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं था। इसके चलते संस्थान को बंद किया गया है।
शिक्षा में राजनीति ठीक नहीं: इत्तू
स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने कहा कि शिक्षा में राजनीति ठीक नहीं है। भाजपा व अन्य हिंदू संगठनों का नाम न लेते हुए कहा कि कुछ सियासी दल निगेटिव पॉलिटिक्स कर रही हैं और शिक्षा क्षेत्र को सबसे निचले स्तर पर ले जा रही हैं। ऐसे दल धर्म के आधार पर राजनीति कर रहे हैं, जो बहुत बुरा है।
शिक्षा को राजनीति और सांप्रदायिक सोच से ऊपर रहना चाहिए। कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा जम्मू-कश्मीर को एक रखने के लिए काम किया है और कभी भी धर्म या इलाके के आधार पर भेदभाव नहीं किया है।
मान्यता रद्द होना देश के लिए झटका है : फारूक
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को बंद करना गलत है और ये छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने इसे देश के लिए एक झटका करार दिया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारा देश चल रहा है उस पर दुख हो रहा है। उन्होंने संस्थान बंद करने के कदम को अन्याय और देश के लिए एक झटका बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बड़े पैमाने पर निराशा हुई है। यह देश के शिक्षा और मेडिकल संस्थानों के प्रति अपनाए जा रहे रवैये में एक परेशान करने वाले ट्रेंड को दर्शाता है। यह निस्संदेह एक अन्याय है।
ये जश्न कट्टरता की हद है : इल्तिजा मुफ्ती
पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि मेडिकल संस्थान की मान्यता रद्द होने पर जम्मू में मनाया जा रहा जश्न कट्टरता की हद है। ये सिर्फ इसलिए मनाया जा रहा है क्योंकि इसने मुस्लिम छात्रों को मौके दिए थे। इल्तिजा ने जश्न की तुलना अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लद्दाख में हुए जश्न से की। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘ठीक वैसे ही जैसे 2019 में लद्दाख ने किया था जम्मू भी अपना ही नुकसान कर रहा है, हमारा सामूहिक चेहरा और भविष्य। अलविदा लॉजिक, विकास और तरक्की।