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डोडा की खस्ताहाल सड़कें दे रही मौत के रास्ते: सेना के 10 जवानों की गई जान, सड़क अब भी खतरनाक... हादसे लगातार

अरुण कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sat, 24 Jan 2026 03:39 PM IST
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सार

डोडा जिले की संकरी और जर्जर सड़कें सुरक्षा इंतजामों के बिना सेना और आम लोगों के लिए लगातार खतरनाक बनी हुई हैं। हाल ही में भद्रवाह-चंबा मार्ग पर सैन्य वाहन खाई में गिरने से 10 जवानों की जान गई थी, जबकि प्रशासन ने एंटी-स्किड चेन जैसी जरूरी एडवाइजरी तक जारी नहीं की।

The narrow and dilapidated roads of Doda are inflicting deep wounds.
यही वह सड़क है जहां सेना की गाड़ी पलटी थी, फिलहाल इसे साफ कर दिया गया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डोडा जिले में सड़क हादसे लगातार बड़े जख्म दे रहे हैं। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा को लेकर हालात में कोई ठोस सुधार नहीं आ रहा। वीरवार को भद्रवाह-चंबा मार्ग पर सैन्य वाहन के खाई में गिरने से 10 जवानों के बलिदान के बाद एक बार फिर जिले की सड़कों की बदहाल स्थिति और सुरक्षा उपायों की कमी सवालों के घेरे में आ गई है।

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डोडा जिले के भद्रवाह सहित अन्य दूरदराज और दुर्गम इलाकों में सेना की नियमित तैनाती रहती है। इन क्षेत्रों में हर मौसम में सैन्य और आम लोगों के वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़कों की हालत खराब है। कई स्थानों पर सड़कें संकरी, जर्जर और बिना सुरक्षा प्रबंध के हैं। चालक की जरा सी चूक वाहन को हजारों फीट नीचे गहरी खाई में गिरा सकती है।
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यहां न तो क्रैश बैरियर हैं और न ही स्पीड ब्रेकर। सर्दियों व खराब मौसम में भद्रवाह-चंबा सहित जिले के अन्य सड़क मार्ग पर हालात और भी खतरनाक बन जाते हैं। रात में पड़ने वाली ओस सुबह बर्फ की फिसलनदार परत में बदल जाती है। ऐसे हालात में वाहनों में एंटी-स्किड चेन का न होना हादसों का बड़ा कारण बनता है। वीरवार को भद्रवाह-चंबा सड़के पर खन्ना टॉप क्षेत्र में सड़क पर इसी तरह की फिसलन थी जिसके चलते सेना का कैस्पिर वाहन फिसल गया। 

फिसलन के बावजूद वाहनों में एंटी-स्किड चेन लगाने की एडवाइजरी जारी नहीं
लगातार सड़क हादसों के बावजूद प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई ठोस एहतियाती कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। फिसलन की आशंका के बावजूद वाहनों में एंटी-स्किड चेन लगाने को लेकर कोई एडवाइजरी तक जारी नहीं की गई जबकि यह मार्ग सेना और आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि 15 नवंबर 2023 को किश्तवाड़-जम्मू हाईवे पर डोडा जिले के अस्सर क्षेत्र में यात्रियों से भरी बस खाई में गिरने से 39 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता न दिखना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। दुर्गम इलाकों में तैनात सेना और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित सड़कें अब भी एक बड़ी चुनौती हैं।

बड़े सड़क हादसे
  • अप्रैल 2023 : राजोरी में सेना की एंबुलेंस फिसलकर 200 फीट गहरी खाई में गिरी, दो जवानों की मौत।
  • नवंबर 2023 : डोडा के अस्सर में यात्रियों से भरी बस सड़क से गिरी, 39 लोगों की मौत।
  • दिसंबर 2024 : पुंछ में सेना की वैन 350 फीट गहरी खाई में गिरी। पांच की मौत, 13 घायल।
  • अप्रैल 2025 : पुंछ के मेंढर में टाटा सूमो फिसल कर खाई में गिरी, नौ लोगों की मौत।
  • मई 2025 : रामबन के बैटरी चश्मा में सेना का वाहन 600 मीटर गहरी खाई में गिरा, तीन जवानों की मौत।
  • जुलाई 2025 : डोडा में टेंपो ट्रेवलर खाई में गिरा। सात लोगों की मौत, 17 लोग घायल।
  • जनवरी 2026 : डोडा के खन्नी टॉप इलाके में 200 फीट गहरी खाई में गिरा सेना का वाहन। 10 जवान बलिदान और 11 घायल।
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