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सिविल सेवा की तरफ बढ़ रहा है जम्मू-कश्मीर के युवाओं का रुझान,आईएसए और आईपीएस में बना रहे है करियर
Thu, 22 Apr 2021 02:02 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 22 Apr 2021 02:02 PM IST
सार
2016 में 10, 2017 में 14, 2018 में 15, 2019-20 में 16 और आरक्षित सूची में तीन युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल की।
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के युवाओं का सिविल सेवाओं के प्रति रुझान बढ़ रहा है। पिछले सात सालों से लगातार औसतन दो से तीन युवाओं का सिविल सेवा में चयन हो रहा है। कम संसाधन और अशांत माहौल के बीच भी युवाओं अपनी सुनहरे भविष्य की और अग्रसर है। बीते सात वर्षों की बात करे तो प्रदेश में 80 से अधिक युवाओं ने सिविल सेवा में शामिल होने का गर्व हासिल किया है। 2020 में यूपीएससी द्वारा घोषित परीक्षा में प्रदेश के 16 होनहारों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कामयाबी पाई थी।
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इसके बाद यूपीएससी द्वारा जारी आरक्षित सूची में प्रदेश के तीन युवाओं ने परीक्षा में कामयाबी पाई। इसमें शाह फैसल, अतहर आमिर, नादिया बेग, अभिषेक अगस्त्य जैसे होनहार युवाओं की कामयाबी आज प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। 2016 में 10, 2017 में 14, 2018 में 15, 2019-20 में 16 और आरक्षित सूची में तीन युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल की।
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प्रदेश में खुल रहे नामी कोचिंग सेंटर
प्रदेश के युवाओं को सिविल सेवा के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए अब जम्मू और श्रीनगर में नामी कोचिंग सेंटर खुल रहे है। इसके लिए पहले अभ्यार्थियों को दिल्ली, चंडीगढ़ सहित अन्य मेट्रो शहरों में कोचिंग के लिए नहीं जाना पड़ रहा था।