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झारखंड: रांची में गूंजा वीर बिरसा मुंडा का जयघोष, 10 हजार कलाकारों के साथ निकली भव्य जतरा

Sun, 09 Aug 2026 05:05 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sun, 09 Aug 2026 05:05 PM IST
सार

रांची में वीर बिरसा मुंडा की विरासत और झारखंड की आदिवासी संस्कृति को समर्पित बिरसा मुंडा जतरा का शुभारंभ हुआ। मंत्री चमरा लिंडा ने जेल मोड़ स्थित बिरसा मुंडा स्मृति पार्क से जतरा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें राज्यभर से करीब 10 हजार कलाकार पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुए।

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सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान की एक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वीर बिरसा मुंडा की विरासत को जीवंत रखने के लिए रांची में खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा ने बिरसा मुंडा स्मृति पार्क (बिरसा मुंडा कारागार), जेल मोड़ से बिरसा मुंडा जतरा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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यह ऐतिहासिक जतरा बिरसा मुंडा स्मृति पार्क (बिरसा मुंडा कारागार), जेल मोड़ से शुरू होकर करम टोली चौक होते हुए एसएसपी आवास से मोरहाबादी तक पहुंचेगी। पूरे मार्ग में जनजातीय संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिलेगी।

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जतरा में झारखंड के सभी जिलों से करीब 10 हजार कलाकार शामिल हुए हैं। ये कलाकार राज्य की विभिन्न जनजातियों संथाल, मुंडा, हो, उरांव, खड़िया, खरवार और अन्य जनजातीय समुदायों से संबंधित हैं। कलाकार अपने-अपने पारंपरिक स्थानीय वेशभूषा, आभूषण और वाद्ययंत्रों जैसे ढोल, नगाड़ा, मांदर और बांसुरी से सुसज्जित होकर इस भव्य आयोजन में शामिल हुए हैं।

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छह आकर्षक झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया
जतरा में कुल छह आकर्षक झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इनमें बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और आदिवासी संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। यह जतरा केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान के साथ आदिवासी अस्मिता एवं संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक है। इसमें शामिल कलाकारों की विशाल संख्या और विभिन्न जनजातीय समुदायों की भागीदारी झारखंड की सांस्कृतिक एकता और गौरव को प्रदर्शित करती है।

चमरा लिंडा ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के आयोजन आदिवासी युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और झारखण्ड की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। 
 

 

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