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ODI WC 2027: घर में विश्व कप से पहले क्या दबाव में होगी दक्षिण अफ्रीका की टीम? रबाडा ने साफ किया रुख
Sun, 09 Aug 2026 05:20 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जोहानिसबर्ग
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जोहानिसबर्ग
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sun, 09 Aug 2026 05:20 PM IST
सार
कगिसो रबाडा ने कहा कि 2027 वनडे विश्व कप की घरेलू मेजबानी से दक्षिण अफ्रीका की टीम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होगा और खिलाड़ियों को खुद पर पूरा भरोसा है। रबाडा ने कहा कि टीम ने सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचकर बड़े मुकाबलों का दबाव झेलना सीखा है, अब सिर्फ आखिरी कदम उठाना बाकी है।
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कगिसो रबाडा
- फोटो : IANS
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विस्तार
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा का मानना है कि 2027 में घरेलू मैदान पर होने वाले वनडे विश्व कप को लेकर टीम पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं है। रबाडा ने कहा कि टीम अपने घरेलू रिकॉर्ड को मजबूत रखते हुए विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी और खिलाड़ियों को खुद पर पूरा भरोसा है।
दक्षिण अफ्रीका 2027 में जिम्बाब्वे और नामीबिया के साथ मिलकर 50 ओवर के विश्व कप के 14वें संस्करण की सह-मेजबानी करेगा। हाल के वर्षों में तीनों प्रारूपों में टीम के प्रदर्शन को देखते हुए उससे काफी उम्मीदें हैं। दक्षिण अफ्रीका ने 2025 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी टीम ने पिछले कुछ समय में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
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दक्षिण अफ्रीका 2027 में जिम्बाब्वे और नामीबिया के साथ मिलकर 50 ओवर के विश्व कप के 14वें संस्करण की सह-मेजबानी करेगा। हाल के वर्षों में तीनों प्रारूपों में टीम के प्रदर्शन को देखते हुए उससे काफी उम्मीदें हैं। दक्षिण अफ्रीका ने 2025 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी टीम ने पिछले कुछ समय में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
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घरेलू मैदान पर खेलने का दबाव नहीं
हालांकि, रबाडा का मानना है कि इन सफलताओं और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने की उम्मीदों का टीम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होगा। जोहानिसबर्ग में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के वेन्यू और ब्रांड की घोषणा के कार्यक्रम में रबाडा ने आईसीसी से कहा, 'मुझे लगता है कि अभी हमारे लिए इसमें और भी बहुत कुछ है। यह एक तरह से आजादी जैसा भी है। मुझे घर पर खेलने और विश्व कप जीतने की जरूरत महसूस करने का कोई दबाव नहीं लगता।'
उन्होंने कहा, 'यह लगभग ऐसा है जैसे हम घर पर हैं और हम इस किले की रक्षा करने जा रहे हैं। मेरे लिए इसका यही मतलब है। यह टीम का प्रतिनिधित्व करने के बारे में है।' रबाडा 2019 और 2023 में हुए वनडे विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की टीम का हिस्सा रह चुके हैं। 2027 में घरेलू मैदान पर होने वाला विश्व कप उनके लिए एक खास मौका होगा।
वसीम अकरम के प्रदर्शन को बताया यादगार
रबाडा ने विश्व कप के अपने पसंदीदा पलों में से एक के तौर पर 1992 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम के प्रदर्शन को याद किया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस फाइनल में अकरम ने निर्णायक गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान को पहली बार विश्व कप चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
रबाडा ने कहा, 'विश्व कप का एक पल जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। क्योंकि मैं एक गेंदबाज हूं, इसलिए मैं गेंदबाजों के क्लब की बात करूंगा। मेरे लिए इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वसीम अकरम का प्रदर्शन लाजवाब था। उनके पास पेस और हुनर था और उनके अंदर जबरदस्त ऊर्जा थी, जिससे पता चलता था कि वह खेलने के लिए ही मैदान पर उतरे हैं।'
हालांकि, रबाडा का मानना है कि इन सफलताओं और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने की उम्मीदों का टीम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होगा। जोहानिसबर्ग में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के वेन्यू और ब्रांड की घोषणा के कार्यक्रम में रबाडा ने आईसीसी से कहा, 'मुझे लगता है कि अभी हमारे लिए इसमें और भी बहुत कुछ है। यह एक तरह से आजादी जैसा भी है। मुझे घर पर खेलने और विश्व कप जीतने की जरूरत महसूस करने का कोई दबाव नहीं लगता।'
उन्होंने कहा, 'यह लगभग ऐसा है जैसे हम घर पर हैं और हम इस किले की रक्षा करने जा रहे हैं। मेरे लिए इसका यही मतलब है। यह टीम का प्रतिनिधित्व करने के बारे में है।' रबाडा 2019 और 2023 में हुए वनडे विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की टीम का हिस्सा रह चुके हैं। 2027 में घरेलू मैदान पर होने वाला विश्व कप उनके लिए एक खास मौका होगा।
वसीम अकरम के प्रदर्शन को बताया यादगार
रबाडा ने विश्व कप के अपने पसंदीदा पलों में से एक के तौर पर 1992 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम के प्रदर्शन को याद किया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस फाइनल में अकरम ने निर्णायक गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान को पहली बार विश्व कप चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
रबाडा ने कहा, 'विश्व कप का एक पल जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। क्योंकि मैं एक गेंदबाज हूं, इसलिए मैं गेंदबाजों के क्लब की बात करूंगा। मेरे लिए इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वसीम अकरम का प्रदर्शन लाजवाब था। उनके पास पेस और हुनर था और उनके अंदर जबरदस्त ऊर्जा थी, जिससे पता चलता था कि वह खेलने के लिए ही मैदान पर उतरे हैं।'
नॉकआउट मुकाबलों में जीत का बढ़ा भरोसा
31 वर्षीय रबाडा का मानना है कि हालिया सफलताओं ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। टीम अब बड़े नॉकआउट मुकाबलों में दबाव झेलने के लिए पहले से बेहतर तरीके से तैयार है। उन्होंने कहा, 'हमने दिखाया है कि हम फाइनल और सेमीफाइनल में खेल सकते हैं। बस आखिरी कदम उठाना बाकी है। इसलिए आत्मविश्वास तो है ही। भरोसा भी पक्का है, बस एक कदम और आगे बढ़ना है।'
दक्षिण अफ्रीका की टीम चार बार 50 ओवर के विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक खिताब नहीं जीत पाई है। 2027 में टूर्नामेंट की सह-मेजबानी अपने घर में होने के कारण प्रोटियाज टीम की नजरें इस बार विश्व कप का सूखा खत्म करने पर होंगी।
31 वर्षीय रबाडा का मानना है कि हालिया सफलताओं ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। टीम अब बड़े नॉकआउट मुकाबलों में दबाव झेलने के लिए पहले से बेहतर तरीके से तैयार है। उन्होंने कहा, 'हमने दिखाया है कि हम फाइनल और सेमीफाइनल में खेल सकते हैं। बस आखिरी कदम उठाना बाकी है। इसलिए आत्मविश्वास तो है ही। भरोसा भी पक्का है, बस एक कदम और आगे बढ़ना है।'
दक्षिण अफ्रीका की टीम चार बार 50 ओवर के विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक खिताब नहीं जीत पाई है। 2027 में टूर्नामेंट की सह-मेजबानी अपने घर में होने के कारण प्रोटियाज टीम की नजरें इस बार विश्व कप का सूखा खत्म करने पर होंगी।