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राजस्थान: प्रदेश में आरजीएचएस के नए नियम, गंभीर मरीजों का सत्यापन नहीं होने पर भी नहीं अटकेगा अस्पताल का क्लेम

Fri, 23 Oct 2026 03:50 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Fri, 23 Oct 2026 03:50 PM IST
सार

राजस्थान में आरजीएचएस के तहत गंभीर मरीजों को अस्पताल से छुट्टी के समय आंख झपकाकर सत्यापन नहीं कर पाने पर छूट मिलेगी। अस्पताल को स्पष्ट चिकित्सकीय कारण दर्ज करना होगा। उचित स्पष्टीकरण स्वीकार होने पर क्लेम का भुगतान नहीं अटकेगा।

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hospital claims will not be held up even if the verification of critically ill patients has not been completed
सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के डिस्चार्ज नियमों में बदलाव किया गया है। इसके तहत अब गंभीर मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देते समय आंख झपकाकर सत्यापन नहीं कर पाने की स्थिति में छूट मिलेगी। मरीज की गंभीर हालत के कारण सत्यापन संभव नहीं होने पर भी अस्पताल का क्लेम नहीं अटकेगा। इसके लिए अस्पताल को मरीज की स्थिति से जुड़ा स्पष्ट चिकित्सकीय कारण दर्ज करना होगा।

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नियम में बदलाव की मुख्य वजह
आरजीएचएस के तहत पहले अस्पताल से छुट्टी देते समय मरीज की लाइव फोटो लेकर आंख झपकाकर सत्यापन करना अनिवार्य था। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में उपचार कराने वाला मरीज वही है, जिसका रिकॉर्ड योजना में दर्ज है।

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हालांकि, ऑपरेशन के बाद बेहोशी की दवा का असर रहने, तेज दर्द होने, ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ने या चेहरे पर पट्टी बंधी होने जैसी परिस्थितियों में मरीज के लिए आंख झपकाकर सत्यापन करना संभव नहीं होता। इसी व्यावहारिक परेशानी को देखते हुए नियमों में ढील दी गई है।

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चिकित्सकीय कारण दर्ज करना अनिवार्य
नए निर्देशों के अनुसार, यदि मरीज की गंभीर चिकित्सकीय स्थिति के कारण सत्यापन नहीं हो पाता है, तो अस्पताल को इसका स्पष्ट और विस्तृत कारण दर्ज करना होगा। केवल सत्यापन नहीं होने की सामान्य जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा।

मरीज की स्थिति से संबंधित जानकारी उपचार के बिल और क्लेम से जुड़े रिकॉर्ड में शामिल करनी होगी। इससे दावे की जांच के दौरान अधिकारी सत्यापन नहीं हो पाने के कारणों की समीक्षा कर सकेंगे और यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि अस्पताल की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण उचित है या नहीं। इस व्यवस्था से गंभीर मरीजों के मामलों में अस्पतालों को राहत मिलेगी, जबकि क्लेम की जांच भी जारी रहेगी।

केवल विशेष परिस्थितियों में मिलेगी छूट
आरजीएचएस के संशोधित निर्देशों के अनुसार, यह छूट केवल वास्तविक और विशेष चिकित्सकीय परिस्थितियों में ही मिलेगी। अस्पताल सामान्य परिस्थितियों में आंख झपकाकर सत्यापन की प्रक्रिया को छोड़ नहीं सकेंगे।

डिस्चार्ज के समय गंभीर मरीजों को सत्यापन की अनिवार्यता से राहत देने का निर्णय आरजीएचएस विभाग और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बीच हुई वार्ता के बाद लिया गया है। इसके तहत गंभीर मरीज की स्थिति के कारण सत्यापन संभव नहीं होने पर अस्पताल की ओर से दिया गया उचित चिकित्सकीय स्पष्टीकरण स्वीकार किया जाएगा।

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