झारखंड कांग्रेस में सतह पर उभरकर आई गुटबाजी, कार्यालय में हुई धक्का-मुक्की और नारेबाजी
कांग्रेस में चल रहे अंतर कलह का एक नमूना झारखंड के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में देखने को मिला। कभी एक साथ पार्टी का नारा बुलंद करने वाले नेताओं के दो धड़े शुक्रवार को आपस में ही भिड़ गए। इस विरोध के पीछे का मुख्य कारण था लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी हार। विरोधियों की मांग थी कि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार की जगह किसी और को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। इस दौरान मुख्यालय परिसर में उन्होंने धक्का-मुक्की और तोड़-फोड़ तो किया ही, साथ ही डॉ. अजय गो बैक और मुर्दाबाद के नारे भी लगाने लगे।
दरअसल शुक्रवार को दोपहर दो बजे से प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी समेत सभी जिलाध्यक्षों की मौजूदगी में समीक्षा बैठक का कार्यक्रम रखा गया था। बैठक से पहले करीब डेढ़ बजे ही प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कई कार्यकर्ता जमा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ।
विरोध के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश कार्यालय नहीं आए। जब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह मुख्यालय पहुंचे तो उन्हें भी विरोधी उपर जाने से रोकने लगे। इसके जवाब में पार्टी के अन्य नेता विरोधियों को सीढ़ियों से हटाने लगे। फिर दोनों ओर से धक्का-मुक्की शुरु हो गई। इस शोर-शराबे के बीच आरपीएन सिंह ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की। करीब आधे घंटे के बाद वो उनकी बात सुनने को तैयार हुए। आरपीएन सिंह ने आश्वासन दिया कि वे उनकी भावनाओं से कांग्रेस आलाकमान को अवगत कराएंगे। फिर इसके बाद विरोधियों ने उन्हें पार्टी कार्यालय के ऊपरी तल्ले पर चढ़ने दिया। निर्धारित समय से करीब एक घंटे बाद समीक्षा बैठक शुरू हो पाई।