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Jharkhand: झारखंड कांग्रेस को झटका, विधायक ममता देवी को पांच साल की जेल की सजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हजारीबाग
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 13 Dec 2022 09:53 PM IST
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सार
सजा छह साल पहले एक निजी औद्योगिक कंपनी में आंदोलन के दौरान गोली चलाने के मामले में सुनाई गई। कोर्ट ने आठ दिसंबर को उन्हें दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एक विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने झारखंड की कांग्रेस विधायक ममता देवी और 12 अन्य को मंगलवार को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सजा छह साल पहले एक निजी औद्योगिक कंपनी में आंदोलन के दौरान गोली चलाने के मामले में सुनाई गई। कोर्ट ने आठ दिसंबर को उन्हें दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसले की घोषणा के साथ ही रामगढ़ की विधायक ममता देवी झारखंड विधानसभा से अयोग्य हो जाएंगी। 81 सदस्यीय सदन में फिलहाल कांग्रेस के 16 विधायक हैं। कांग्रेस सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन में भागीदार है। गठबंधन का नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे हैं।
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विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के चौथे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार पवन ने विधायक और अन्य को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कारावास की सजा सुनाई। उन्हें दंगा करने और अपने कर्तव्य के निर्वहन में एक लोक सेवक को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का भी दोषी पाया गया। उन्हें दो साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह और सलाखों के पीछे रहना होगा।
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फैसला सुनाए जाने के दौरान आरोपी अदालत में मौजूद नहीं थे और उन्हें हजारीबाग सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। 2016 में रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाने में दर्ज प्राथमिकी में कुल 15 लोगों को नामजद किया गया था। उनमें से एक की मुकदमे के दौरान मौत हो गई और एक अन्य आरोपी राजू साव अभी भी फरार है। अदालत द्वारा दोषी पाए जाने के बाद कांग्रेस विधायक सहित बाकी 13 को आठ दिसंबर को हिरासत में ले लिया गया था।
क्या है मामला
रामगढ़ में एक निजी कारखाने के गेट के बाहर धरने के दौरान फायरिंग हुई थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो ममता देवी और अन्य लोगों के नेतृत्व में भीड़ ने एक मजिस्ट्रेट और पांच पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और गोलियां चलाईं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हो गए। मामले में चार्जशीट 17 जनवरी 2017 को रामगढ़ अदालत में निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत की गई थी और बाद में मामला हजारीबाग में एमपी-एमएलए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।
झारखंड उच्च न्यायालय का रुख करेगी कांग्रेस
फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह झारखंड उच्च न्यायालय का रुख करेगी। जेपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने कहा कि वह तत्कालीन भाजपा-आजसू सरकार की राजनीतिक साजिश का शिकार हो गई थीं, क्योंकि उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए आवाज उठाई थी।

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