झारखंड: ‘खनिज हमारे, हक हमारा... दिल्ली क्यों तय करे?’ संसद में बिल पास होने पर हेमंत सोरेन का केंद्र पर हमला
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संसद में खान एवं खनिज संशोधन विधेयक पारित होने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे झारखंड के साथ अन्याय बताते हुए केंद्र पर राज्य के खनिज अधिकार कमजोर करने का आरोप लगाया और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संसद में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक पारित होने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे झारखंड के साथ अन्याय बताते हुए केंद्र सरकार पर जल्दबाजी में विधेयक पारित कराने का आरोप लगाया।
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के खनिजों पर राज्य के अधिकारों का फैसला दिल्ली में नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खनिज झारखंड के हैं तो राज्य के अधिकारों का निर्धारण केंद्र सरकार क्यों करे?
सोरेन ने चेतावनी दी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विधेयक के जरिए खनिज संपदा वाले झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में यह विधेयक पारित कर राज्य के हाथ-पैर बांधने का काम किया है।
सोरेन ने चेतावनी दी कि विधेयक के खिलाफ झारखंड में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
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राज्य के राजस्व पर असर पड़ सकता है
मुख्यमंत्री के मुताबिक, खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के प्रभाव से राज्य के राजस्व पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव झारखंड सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ेगा और कई योजनाएं बंद होने के कगार पर पहुंच सकती हैं।