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पलामू में बीडीओ को सोशल मीडिया पर गोली मारने की धमकी: पहले हो चुकी है बीडीओ की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
Wed, 30 Sep 2026 12:40 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:40 PM IST
सार
पलामू के मनातू प्रखंड में बीडीओ सह सीओ मदन कुमार सुमन को ‘ममता यादव’ नाम की सोशल मीडिया आईडी से कथित तौर पर गोली मारने की धमकी दी गई है। पुलिस और साइबर टीम खाते के वास्तविक संचालक की पहचान करने में जुटी है।
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बीडीओ सह सीओ को मदन कुमार सुमन जान से मारने की धमकी मिली
- फोटो : Social Media
विस्तार
पलामू जिले के मनातू प्रखंड में कार्यरत प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह अंचलाधिकारी (सीओ) मदन कुमार सुमन को इंटरनेट मीडिया पर गोली मारने की कथित धमकी मिली है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने ‘ममता यादव’ नाम की इंटरनेट मीडिया आईडी से यह धमकी दी है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
कौन चला रहा है सोशल मीडिया खाता
धमकी मिलने के तुरंत बाद बीडीओ सह सीओ मदन कुमार सुमन ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच कराई जा रही है। यदि जांच में सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से धमकी देने की बात सच साबित होती है, तो प्रशासन दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि संबंधित सोशल मीडिया खाते को वास्तव में कौन चला रहा है। इंटरनेट मीडिया पर फर्जी नाम से आईडी बनाकर धमकी देने की आशंका से भी अधिकारी इनकार नहीं कर रहे हैं।
धमकी देने की मुख्य वजह की तलाश
अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि इस प्रकार धमकी देने के पीछे मुख्य कारण क्या है। जांच दल इस पहलू की भी पड़ताल कर रहा है कि क्या बीडीओ द्वारा हाल में की गई किसी प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज होकर आरोपी ने यह कदम उठाया है या फिर अधिकारी को भयभीत करने के उद्देश्य से धमकी दी गई है। फर्जी अथवा किसी अन्य के नाम से संचालित आईडी के वास्तविक संचालक की पहचान किए बिना किसी नतीजे पर पहुंचना संभव नहीं है। इसलिए साइबर टीम तकनीकी जांच के जरिये असली उपयोगकर्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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ये भी पढ़ें- ओकनी तालाब मामले में एनजीटी सख्त: अनुपालन रिपोर्ट नहीं देने पर हजारीबाग जिलाधिकारी को नोटिस, दो महीने की मोहलत
संवेदनशील रहा है मनातू प्रखंड
मनातू प्रखंड का प्रशासनिक इतिहास पहले से ही काफी संवेदनशील रहा है। इस क्षेत्र में किसी बीडीओ को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी इस प्रखंड में तैनात एक बीडीओ की हत्या हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, अलग-अलग समय पर प्रखंड के अधिकारियों को जान से मारने और लेवी मांगने की धमकियां भी मिलती रही हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में वर्तमान अधिकारी को सोशल मीडिया के माध्यम से गोली मारने की धमकी मिलने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन को अभी तक इस नई घटना का पुरानी वारदात से कोई प्रत्यक्ष संबंध होने का प्रमाण नहीं मिला है।
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कौन चला रहा है सोशल मीडिया खाता
धमकी मिलने के तुरंत बाद बीडीओ सह सीओ मदन कुमार सुमन ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच कराई जा रही है। यदि जांच में सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से धमकी देने की बात सच साबित होती है, तो प्रशासन दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि संबंधित सोशल मीडिया खाते को वास्तव में कौन चला रहा है। इंटरनेट मीडिया पर फर्जी नाम से आईडी बनाकर धमकी देने की आशंका से भी अधिकारी इनकार नहीं कर रहे हैं।
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धमकी देने की मुख्य वजह की तलाश
अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि इस प्रकार धमकी देने के पीछे मुख्य कारण क्या है। जांच दल इस पहलू की भी पड़ताल कर रहा है कि क्या बीडीओ द्वारा हाल में की गई किसी प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज होकर आरोपी ने यह कदम उठाया है या फिर अधिकारी को भयभीत करने के उद्देश्य से धमकी दी गई है। फर्जी अथवा किसी अन्य के नाम से संचालित आईडी के वास्तविक संचालक की पहचान किए बिना किसी नतीजे पर पहुंचना संभव नहीं है। इसलिए साइबर टीम तकनीकी जांच के जरिये असली उपयोगकर्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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संवेदनशील रहा है मनातू प्रखंड
मनातू प्रखंड का प्रशासनिक इतिहास पहले से ही काफी संवेदनशील रहा है। इस क्षेत्र में किसी बीडीओ को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी इस प्रखंड में तैनात एक बीडीओ की हत्या हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, अलग-अलग समय पर प्रखंड के अधिकारियों को जान से मारने और लेवी मांगने की धमकियां भी मिलती रही हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में वर्तमान अधिकारी को सोशल मीडिया के माध्यम से गोली मारने की धमकी मिलने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन को अभी तक इस नई घटना का पुरानी वारदात से कोई प्रत्यक्ष संबंध होने का प्रमाण नहीं मिला है।