जंतर मंतर के बाद रांची में लाठीचार्ज: झारखंड में आंदोलन के बीच ईडी की जांच शुरू, सरकार-विपक्ष की रणनीति क्या?
बीते करीब दो महीने से युवाओं का आंदोलन लगातार चर्चा में है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी के हजारों अभ्यर्थी दो हफ्ते से अधिक समय से आक्रोशित हैं। आज रांची में लाठीचार्ज के बाद इस मामले में सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
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विस्तार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सुरक्षाबलों के बलप्रयोग का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है। विपक्षी राजनीतिक दल इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। अब झारखंड में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन, विधानसभा घेराव करने सड़कों पर उतरे छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का मामला सुर्खियों में है। इस मामले में भाजपा बनाम कांग्रेस वाली राजनीति भी शुरू हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से तीखे सवाल किए हैं। आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी आवाज को कुचलना चाहती है, लेकिन सरकार के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग का समर्थन किया है।
रांची में छात्र आंदोलन, कितने बड़े सवाल?
बीते 17 दिन से आंदोलन कर रहे युवाओं की मांग क्या है? झारखंड के छात्र आंदोलन पर पुलिस ऐसी सख्ती क्यों कर रही है? लाठीचार्ज और आंदोलनकारियों के दमन पर जिला प्रशासन ने क्या कहा? राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगली रणनीति क्या होगी? पुलिस की सख्ती के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों की भावी योजना क्या है? इस खबर में जानिए इन सवालों के जवाब
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन, कुछ अहम बिंदु;
- विधानसभा घेराव के बाद अनशनकारी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- आंदोलन के प्रमुख चेहरों में एक हैं पिछले 9 दिनों से अनशन पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र।
- चिकित्सकों के मुताबिक, उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
- सोमवार को 10 घंटे बाद झारखंड विधानसभा के गेट से खदेड़े गए छात्र।
- देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस से ले गई पुलिस।
- विधानसभा के गेट के सामने डटे छात्रों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया।
- कई छात्र-छात्राएं सड़क पर लेट गए और हटने से इनकार किया।
- सरकार पर आरोप- छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब कोई भी बात सीधे मुख्यमंत्री से ही होगी
आंदोलनकारी छात्रों के एक अन्य नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि हमारा आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब यह जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी बात सीधे मुख्यमंत्री से ही होगी और वे जब तक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग नहीं मानते, आंदोलन जारी रहेगा।
झारखंड में सिस्टम पर गंभीर सवाल, सियासत भी
- विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई में महिलाओं सहित कई छात्र घायल।
- घेराव के दौरान पत्थरबाजी में 14 अधिकारी घायल हुए।
- शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को बाधित करने वाले उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का हो रहा विश्लेषण।
- भाजपा ने सोमवार के विधानसभा घेराव से पहले सीएम हेमंत सोरेन के घर का घेराव किया।
- बाद में छात्रों के खिलाफ "बल प्रयोग" के विरोध में 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से "संवाद और विश्वास" के माध्यम से शिकायतों का समाधान करने की अपील की।
- सीएम का आरोप- विपक्षी दल भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलनकारियों को गुमराह करने में जुटी।
- इस मामले में सीआईडी ने अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया।
- सीआईडी ने रांची के अलावा पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 स्थानों पर हुई तलाशी।
- झारखंड में परीक्षा विवाद के आर्थिक मामलों (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच ईडी ने शुरू की।
- झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को सीआईडी ने गिरफ्तार किया।
- 1988 बैच के आईएएस अधिकारी खियांग्ते झारखंड के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं।
- पिछले साल फरवरी में जेपीएससी अध्यक्ष नियुक्त किए गए खियांग्ते ने 22 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था।
सरकार की दलील
- तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार बोले- सीएम हेमंत सोरेनी की सरकार ने स्वेच्छा से ईडी की जांच के लिए दी सहमति।
- जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी, रद्द नहीं कर सकते।
- इसकी सीआईडी जांच हो रही है। जांच की निगरानी के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने को तैयार।
राहुल गांधी क्या बोले?
- पुलिस की कार्रवाई निंदनीय, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए। झारखंड सरकार आंदोलनकारियों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करे।
भाजपा ने कांग्रेस को कैसे घेरा, क्या कहा?
- दोहरे मापदंड अपना रहे हैं राहुल गांधी। कांग्रेस झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। जेपी नड्डा ने पूछा- क्या राहुल और झारखंड सरकार तक छात्रों की आवाज पहुंच रही है?
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विधानसभा घेराव पर जिला प्रशासन ने क्या कहा?
रांची में जेपीएससी-जेएसएससी उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर उपायुक्त (डीसी) मंजुनाथ भजंत्री ने कहा, विधानसभा घेराव के आह्वान से जुड़े अधिकांश छात्रों ने संयम का परिचय दिया। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और अधिकारियों को उकसाने का प्रयास किया; एक जवान पर पत्थर फेंका गया। एक अन्य जवान को भीड़ ने कुचल दिया, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई। हल्का बल प्रयोग कर जवान को रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने यथासंभव संयम बरतते हुए बल प्रयोग से बचने का प्रयास किया। विधानसभा सत्र और सांविधानिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चले, ये सुनिश्चित करने के लिए आठ जगहों पर बैरिकेडिंग की गई।
- 24 जुलाई को कुछ छात्रों और छात्र नेताओं ने रांची के मोरहाबादी में बापू वाटिका के सामने बिना अनुमति के अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
- डूरंड कप और आदिवासी महोत्सव को देखते हुए, आंदोलनकारियों से स्थान बदलने का अनुरोध किया गया।
- 28 जुलाई से जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन चल रहा है।
- प्रदर्शनकारियों और राज्य सरकार की एक समिति के बीच बातचीत चल रही है। विरोध प्रदर्शन भी जारी है।
- 10 अगस्त को विभिन्न छात्रों और छात्र संगठनों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया।
क्या आंदोलन में असामाजिक तत्व भी शामिल?
बकौल उपायुक्त भजंत्री, सोमवार शाम विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने आंदोलनकारियों से रास्ते खाली करने को कहा, सरकारी कर्मचारी और पदाधिकारियों को निकलने देने की अपील की गई। पुलिस और मजिस्ट्रेटों द्वारा बार-बार रास्ता खाली करने के अनुरोध के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया; इसलिए, उन्हें हटाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। उपायुक्त के मुताबिक पुलिस और जिला दंडाधिकारियों ने बार-बार रास्ता खाली करने का अनुरोध किया, लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन्हें हटाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने आंदोलन में शामिल होकर उपद्रव भड़काने की कोशिश की। पुलिस के साथ मौखिक दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की भी की घई। हालात बिगाड़ने में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रांची पुलिस ने क्या कहा?
विधानसभा घेराव और छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची की मौजूदा स्थिति को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा, इस बात पर आम सहमति बनी थी कि विधानसभा परिसर का घेराव पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा... विधानसभा परिसर के पास ही विधायकों का आवासीय परिसर भी है, वहां परिवार के लोग भी रहते हैं। ऐसे में पुलिस ने काफी संयम बरता। हमने छात्रों को उनकी इच्छानुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ने दिया। स्थिति के अनुरूप न्यूनतम बल प्रयोग किया गया। वर्तमान स्थिति शांतिपूर्ण है। पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
क्या पुलिस ने मजबूरी में किया लाठीचार्ज, चोटिलों का इलाज कैसे?
लाठीचार्ज की नौबत आने और शाम में सूर्यास्त के बाद आंदोलनकारियों को दौड़ाकर पीटे जाने के संबंध में एसएसपी राकेश रंजन ने कहा, पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग किया; हमने प्रदर्शनकारियों को पूरे दिन अपनी इच्छानुसार कार्य करने की अनुमति दी। हमने उनसे बातचीत करने और उन्हें विनम्रतापूर्वक समझाने का हर संभव प्रयास किया। हालांकि, कुछ लोगों ने बात नहीं मानी और बार-बार हंगामा करने की कोशिश की।
- विधानसभा घेराव के दौरान अधिकारियों सहित गुजरने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया।
- आक्रोशित युवाओं ने अधिकारियों / वाहनों पर जूते-चप्पल जैसी वस्तुएं फेंकी।
- लगभग 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, एक को गंभीर चोट आई है।
- मामूली रूप से चोटिल पुलिसकर्मियों का इलाज किया गया। भागते समय घायल हुए प्रदर्शनकारियों का आकलन किया जा रहा है।
छात्रों के आंदोलन के बीच 11 अगस्त को बंद का आह्वान, प्रशासन क्या करेगा?
विपक्षी राजनीतिक पार्टी की तरफ से आहूत रांची बंद को लेकर राजधानी के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने कहा, जिला प्रशासन और पुलिस के समन्वय से शांतिपूर्ण ढंग से बंद का पालन करने की अपील है। अगर मंगलवार को कोई असामाजिक तत्व कानून व्यवस्था को बिगाड़ने, शांति भंग करने या हिंसा भड़काने का प्रयास करता है, तो पुलिस उचित कार्रवाई करेगी।
- विधानसभा घेराव में रांची के बाहर से आकर शामिल हुए कई छात्र वापस घर लौटने में असमर्थ हो सकते हैं।
- रांची जिला प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी कर इनकी मदद करेगा।
- यात्रा में कठिनाई होने पर प्रशासन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अन्य जिलों तक पहुंचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था करेगा।
क्या रांची बंद के दौरान स्कूल खुले रहेंगे?
राज्यव्यापी बंद के कारण स्कूलों के संचालन से जुड़े सवाल पर डीसी मंजुनाथ भजंत्री ने कहा, हमने निर्णय लेने का अधिकार स्कूल प्रबंधनों पर छोड़ दिया है, साथ ही उन्हें बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने की सलाह दी है। हमें सूचना मिली कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कई स्कूलों ने 11 अगस्त को बंद रखने का निर्णय लिया है। कुछ असामाजिक तत्व हिंसा का सहारा ले रहे हैं और सांविधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने हालात के अनुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है।