झारखंड: मालगाड़ी के नीचे से क्यों निकले जानकी यादव? वायरल तस्वीर ने उठाए सवाल, जानें क्या है पूरा मामला
झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष और पूर्व विधायक जानकी प्रसाद यादव की मालगाड़ी के नीचे से निकलते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि कोडरमा जिले के जयनगर क्षेत्र के रेभनाडीह गांव में रेलवे अंडरपास नहीं होने के कारण उन्हें यह जोखिम भरा कदम उठाना पड़ा।
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झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष और पूर्व विधायक जानकी प्रसाद यादव की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह चर्चा में आ गए हैं। तस्वीर में वह कोडरमा जिले के रेभनाडीह गांव में खड़ी मालगाड़ी के नीचे से रेंगकर रेलवे लाइन पार करते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इलाके में रेलवे अंडरपास नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, इस घटना को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि जिस जगह से वह मालगाड़ी के नीचे से निकल रहे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर रेलवे फाटक मौजूद था। चलती या खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलना बेहद जोखिम भरा है और इसे सुरक्षित तरीका नहीं माना जा सकता।
अंडरपास नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी
मामला जयनगर-धनबाद-गया रेलखंड पर हीरोडीह पंचायत के रेभनाडीह गांव का है। ग्रामीणों का कहना है कि रेभनाडीह और आसपास के गांवों के हजारों लोगों के लिए रेलवे अंडरपास का नहीं होना बड़ी समस्या बन गया है। रेलवे लाइन के दोनों ओर लोहे की चादरों से घेराबंदी किए जाने के बाद लोगों की आवाजाही और मुश्किल हो गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई किसानों की खेती की जमीन रेलवे लाइन के दोनों ओर है। ऐसे में उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मवेशियों को भी रोजाना रेलवे लाइन पार करने में जोखिम का सामना करना पड़ता है।
पांच मिनट का रास्ता तय करने में लगते हैं 30 मिनट
ग्रामीणों का कहना है कि बांझेडीह पावर प्लांट के लिए कोयला ले जाने वाली मालगाड़ियां इस क्षेत्र में अलग रेल लाइन पर घंटों खड़ी रहती हैं। इसके कारण लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए भी लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है। जिस रास्ते से करीब पांच मिनट में पहुंचा जा सकता है, वहां दूसरे मार्ग से जाने में लगभग आधा घंटा लग जाता है। इस समस्या के कारण रेभनाडीह के निवासियों को जिला मुख्यालय और झुमरी तिलैया बाजार तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में फुट ओवरब्रिज बनने के बावजूद अंडरपास की जरूरत बनी हुई है, क्योंकि इससे खेती-किसानी और रोजमर्रा की आवाजाही में सुविधा मिल सकती है।
विधायक रहते हुए भी उठाया था अंडरपास का मुद्दा
जानकी प्रसाद यादव पहले भी इस समस्या को उठा चुके हैं। पूर्व विधायक रहते हुए उन्होंने रेल मंत्री से मुलाकात कर रेभनाडीह में अंडरपास निर्माण और हीरोडीह स्टेशन मार्ग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। अब उन्होंने धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि एक उच्चस्तरीय टीम गठित कर संबंधित स्थल का निरीक्षण कराया जाए और अंडरपास निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
समाधान नहीं निकला तो आंदोलन की चेतावनी
जानकी प्रसाद यादव ने चेतावनी दी है कि यदि रेल प्रशासन ने जल्द समस्या का समाधान नहीं निकाला, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों की मुख्य मांग रेभनाडीह में अंडरपास का निर्माण कराना है, ताकि रेलवे लाइन के दोनों ओर रहने वाले लोगों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके।
इस पूरे मामले में अब रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी रोजमर्रा की परेशानी को देखते हुए जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाए, जिससे लोगों को रेलवे लाइन पार करने के लिए जोखिम न उठाना पड़े।