Jharkhand: विजन 2050 की दिशा में झारखंड का बड़ा कदम, दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श आज से
झारखंड सरकार 8-9 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हितधारक परामर्श आयोजित कर रही है। इसमें उद्योग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल शासन और पर्यटन पर चर्चा होगी। नई नीतियों के मसौदे जारी होंगे तथा कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड सरकार 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श का आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड में उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शासन और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ राज्य के विजन 2050 को गति देना है।
इस दौरान सरकार उद्योग जगत से सुझाव लेने के लिए कई नई नीतियों के मसौदे जारी करेगी। इनमें झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति, झारखंड निवेश प्रोत्साहन नीति, झारखंड पर्यटन नीति, झारखंड वस्त्र नीति, झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण नियमावली और सार्वजनिक-निजी भागीदारी नीति शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन नीतियों से राज्य में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पढे़ं: जगन्नाथपुर रथ यात्रा में शामिल होंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, 16 जुलाई से शुरू होगा महोत्सव
कार्यक्रम के पहले दिन डिजिटल शासन और सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना पर चर्चा होगी। इसमें आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी पार्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सेवाओं के विकास पर विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे। इसके बाद सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य पर विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें इस क्षेत्र से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
दूसरे दिन उद्योग, निवेश और पर्यटन पर विशेष चर्चा होगी। झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन क्षमता को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा नए उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए बड़े औद्योगिक समूहों के साथ कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसी दौरान सरकार नई नीतियों के मसौदों और डिजिटल सेवाओं से जुड़े नए पोर्टलों का भी शुभारंभ करेगी। कार्यक्रम का समापन झारखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और संगीत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ होगा, जिसमें देश-विदेश से आए उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य अतिथि शामिल होंगे।