{"_id":"6a72a1c0d751ff51cf04457f","slug":"jpsc-scam-crackdown-cid-arrests-two-brothers-in-raids-cheques-and-admit-cards-seized-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"JPSC परीक्षा धांधली मामले में बड़ी कार्रवाई: CID की छापेमारी में धरे गए दो भाई, चेक व एडमिट कार्ड बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
JPSC परीक्षा धांधली मामले में बड़ी कार्रवाई: CID की छापेमारी में धरे गए दो भाई, चेक व एडमिट कार्ड बरामद
Wed, 05 Aug 2026 08:06 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 05 Aug 2026 08:06 AM IST
सार
जेपीएससी परीक्षा में कथित धांधली की जांच के तहत सीआईडी ने हजारीबाग के पौता गांव में छापेमारी कर दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये के बैंक चेक, अभ्यर्थियों के मूल एडमिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
विज्ञापन
JSSC, झारखंड लोक सेवा आयोग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितता और धांधली की जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में आपराधिक अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष टीम ने सोमवार सुबह हजारीबाग जिले में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता गांव से दो सगे भाइयों, लालू यादव और प्रदीप यादव, को हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए दोनों भाइयों में से एक का चयन जेपीएससी परीक्षा के माध्यम से हुआ था, जबकि दूसरे पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग और फर्जीवाड़ा कराने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है।
सीआईडी की टीम ने दोनों भाइयों से पूछताछ की
सोमवार सुबह करीब छह बजे सीआईडी की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ पौता गांव पहुंची और प्रदीप यादव के आवास पर छापेमारी की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुफस्सिल, लोहसिंहना, कोर्रा और सदर थाना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने करीब पांच घंटे तक घर की गहन तलाशी ली और दोनों भाइयों से पूछताछ की। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीम बड़कागांव क्षेत्र के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी पहुंची। छापेमारी के दौरान सीआईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें करोड़ों रुपये के बैंक चेक, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कई अभ्यर्थियों के मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) तथा अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन दस्तावेजों के आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से सफलता दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- झारखंड के छात्र आंदोलन ने बनाई नई मिसाल, सियासी नेताओं की एंट्री पर रोक; क्या हैं छात्रों की मांगें?
जांच में जुटी सीआईडी
फिलहाल, दोनों आरोपियों से एक गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है। सीआईडी बरामद दस्तावेजों और बैंक चेक के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य बिचौलियों, अभ्यर्थियों और प्रभावशाली लोगों की पहचान भी सामने आ सकती है।
राज्यभर में जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए दोनों भाइयों में से एक का चयन जेपीएससी परीक्षा के माध्यम से हुआ था, जबकि दूसरे पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग और फर्जीवाड़ा कराने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है।
विज्ञापन
सीआईडी की टीम ने दोनों भाइयों से पूछताछ की
सोमवार सुबह करीब छह बजे सीआईडी की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ पौता गांव पहुंची और प्रदीप यादव के आवास पर छापेमारी की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुफस्सिल, लोहसिंहना, कोर्रा और सदर थाना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने करीब पांच घंटे तक घर की गहन तलाशी ली और दोनों भाइयों से पूछताछ की। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीम बड़कागांव क्षेत्र के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी पहुंची। छापेमारी के दौरान सीआईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें करोड़ों रुपये के बैंक चेक, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कई अभ्यर्थियों के मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) तथा अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन दस्तावेजों के आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से सफलता दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- झारखंड के छात्र आंदोलन ने बनाई नई मिसाल, सियासी नेताओं की एंट्री पर रोक; क्या हैं छात्रों की मांगें?
जांच में जुटी सीआईडी
फिलहाल, दोनों आरोपियों से एक गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है। सीआईडी बरामद दस्तावेजों और बैंक चेक के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य बिचौलियों, अभ्यर्थियों और प्रभावशाली लोगों की पहचान भी सामने आ सकती है।
राज्यभर में जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।