झारखंड: एसआईआर की दौड़, प्रमाणपत्रों के लिए घंटों इंतजार; जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर भड़के ग्रामीण
रांची से सटे कांके प्रखंड कार्यालय में एसआईआर से जुड़े कार्यों के साथ जाति, आवासीय और आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गई है। बारिश के बीच भी दूर-दराज की पंचायतों से लोग दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य जरूरी कामों के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।
विस्तार
रांची से सटे कांके प्रखंड कार्यालय में इन दिनों एसआईआर से जुड़े कामकाज के साथ जाति, आवासीय और आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गई है। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य जरूरी कामों के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं। बारिश के बीच भी दूर-दराज की पंचायतों से आए ग्रामीण घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच ग्रामीणों ने प्रखंड प्रमुख और उपप्रमुख अजय बैठा की कथित नियमित अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
एसआईआर नोटिस के जवाब के लिए दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि एसआईआर नोटिस के जवाब की प्रक्रिया के लिए पारिवारिक विवरण, वंशावली और अन्य जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन की आवश्यकता पड़ रही है। इसके अलावा बच्चों के नामांकन समेत कई अन्य कामों के लिए जाति, आवासीय और आय प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत है। इन कामों के लिए बड़ी संख्या में लोगों के प्रखंड कार्यालय पहुंचने से भीड़ बढ़ गई है और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौजूदा स्थिति में उन्हें दस्तावेजों के सत्यापन और प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बारिश के बावजूद लोग सुबह से ही कार्यालय पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
कार्यालय खुला, लेकिन उपप्रमुख की मौजूदगी पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रखंड प्रमुख और उपप्रमुख अजय बैठा की कथित नियमित अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उपप्रमुख का कार्यालय कई बार खुला रहता है, लेकिन उनकी मौजूदगी नहीं होती। ऐसे में अपनी समस्याएं लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को उनसे मिलने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि एसआईआर के मौजूदा दौर में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय मौजूदगी से लोगों को काफी सहूलियत मिल सकती है। उनका कहना है कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
चार दिन से प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे ग्रामीण
पिठोरिया निवासी रामेश्वर महतो ने बताया कि वह एसआईआर नोटिस के जवाब की प्रक्रिया को लेकर पिछले चार कार्यदिवस से प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि दस्तावेजों से जुड़े काम के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है।
वहीं, कदमा की संगीता देवी ने बताया कि बच्चे के नामांकन के लिए जाति और आवासीय प्रमाणपत्र जरूरी है, लेकिन कार्यालय में भीड़ अधिक होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोल्हेया कनादू के सुरेश उरांव और सुकुरहुट्टू के अमित कुमार ने भी जनप्रतिनिधियों की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की है।
उपायुक्त और विधायक से शिकायत की तैयारी
ग्रामीणों और कुछ पंचायत समिति सदस्यों के अनुसार, इस मामले को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और कांके विधायक सुरेश बैठा से लिखित शिकायत करने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। एसआईआर से जुड़े कामों के साथ प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बढ़ रही भीड़ के बीच ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय की व्यवस्था बेहतर करने और जनप्रतिनिधियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।