फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   New Rules From October 1 2026: Mandatory LPG eKYC, New RBI FD Norms, NRI Property TDS Rules Applied

1 अक्तूबर से क्या बदलेगा?: एलपीजी ईकेवाईसी, बैंक एफडी व टीडीएस जुड़े नए नियम लागू होंगे, जानें और क्या अपडेट

Fri, 25 Sep 2026 04:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 25 Sep 2026 04:48 PM IST
सार

1 अक्तूबर 2026 से कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम बदल रहे हैं। एलपीजी ई केवाईसी, बैंक एफडी ब्याज दर, एनआरआई टीडीएस फॉर्म 141 और बर्थ सर्टिफिकेट पर नए दिशानिर्देश लागू। जानिए आम नागरिकों पर इसका क्या असर होगा। अभी पूरी खबर पढ़ें।

विज्ञापन
New Rules From October 1 2026: Mandatory LPG eKYC, New RBI FD Norms, NRI Property TDS Rules Applied
1 अक्तूबर 2026 से बदल जाएंगे ये नए नियम। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

1 अक्तूबर 2026 से आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए महीने की शुरुआत के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ब्याज दरें, एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीद पर टीडीएस नियम और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण शुल्क से जुड़े दिशानिर्देश प्रभावी हो रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और संबंधित विभागों द्वारा जारी ये नए नियम ग्राहकों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने, वित्तीय धोखाधड़ी रोकने और कर अनुपालन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से लागू किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन

एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के नियमों में क्या नया बदलेगा?

रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्तूबर से डिलीवरी और सब्सिडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने हेतु दो मुख्य सुरक्षा मानक लागू हो रहे हैं। 

विज्ञापन
  • अनिवार्य बायोमेट्रिक ईकेवाईसी: सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रीफिल प्राप्त करने के लिए उन उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य होगा, जिन्होंने अब तक इसे पूरा नहीं किया है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • ओटीपी आधारित डिलीवरी: एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय अब केवल कागजी रसीद दिखाना काफी नहीं होगा। ग्राहकों को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सत्यापन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य एलपीजी सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है।

आरबीआई ने बैंक एफडी दरों को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में पैसे जमा करने वाले ग्राहकों और बड़े निवेशकों के लिए आरबीआई ने ब्याज दरों में पारदर्शिता लाने हेतु नए नियम तय किए हैं।

  • सभी शाखाओं में समान ब्याज दर: बैंकों के लिए अब अनिवार्य होगा कि वे एक ही तारीख को बुक की गई समान जमा राशि के लिए अपनी सभी शाखाओं में एक समान ब्याज दर की पेशकश करें।
  • बल्क डिपॉजिट में पारदर्शिता: बड़े डिपॉजिट यानी बल्क डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज दरों का खुलासा बैंकों को प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अनिवार्य रूप से करना होगा।

एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर टीडीएस से जुड़े नियम बदलेंगे?

यदि आप किसी अनिवासी भारतीय (एनआरआई) से अचल संपत्ति खरीद रहे हैं, तो 1 अक्तूबर से टैक्स कटौती और रिपोर्टिंग के नियम अधिक सख्त कर दिए गए हैं।

  • फॉर्म 141 फाइलिंग: गैर-निवासी भारतीयों से संपत्ति खरीदने वाले भारतीय निवासी व्यक्तियों  और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए अब 'फॉर्म 141' दाखिल करना अनिवार्य होगा।
  • शेड्यूल E में ब्योरा: इस फॉर्म के साथ एक नया 'शेड्यूल E' जोड़ना होगा, जिसमें संपत्ति बिक्री पर हुए पूंजीगत लाभ, काटे गए टीडीएस और भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से दर्ज करनी होगी।

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी से पंजीकरण कराने पर क्या नियम लागू होंगे?

1 अक्तूबर से जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी करने पर नियमों को काफी सख्त कर दिया जाएगा।

  • 21 दिन की समय सीमा: मानक 21 दिनों की विंडो  के बाद देरी से कराए जाने वाले पंजीकरणों पर कड़ा जुर्माना ढांचा लागू किया गया है।
  • सख्त प्रशासनिक मंजूरी: 21 दिन की अवधि बीत जाने के बाद लेट रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अब हलफनामा जमा करना होगा। इसके साथ ही देरी की अवधि के आधार पर तहसीलदार, जिला रजिस्ट्रार, एसडीएम या जिलाधिकारी से औपचारिक प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

क्या पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में भी बदलाव होगा?

हर महीने की आखिरी तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपने उत्पादों के कीमतों की समीक्षा करने के बाद उनमें बदलाव करती है। अगर ऐसा होता है तो पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी, एटीटी और रसोई गैस जैसे पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों भी बदलाव दिख सकता है।  
 

1 अक्तूबर 2026 से लागू हो रहे वित्तीय क्षेत्र के ये प्रमुख बदलाव सीधे तौर पर आम नागरिकों की जेब और कागजी प्रक्रियाओं को प्रभावित करेंगे। जहां एलपीजी और एफडी से जुड़े नियम उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाकर वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाएंगे, वहीं टीडीएस और पंजीकरण के नए नियम कर व प्रशासनिक अनुपाल को मजबूत करेंगे। समय रहते ई-केवाईसी पूरी कराने और नए कर नियमों का पालन करने से किसी भी संभावित असुविधा या जुर्माने से बचा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed