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Jharkhand News: लखनऊ हादसे के बाद रांची के कोचिंग सेंटरों पर उठे सवाल! नियमों की अनदेखी का लग रहा आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Thu, 25 Jun 2026 07:14 PM IST
सार

लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग हादसे के बाद झारखंड के रांची समेत अन्य शहरों में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कई संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा मानकों की कमी का आरोप लगाया है। सुरक्षा ऑडिट और प्रशासनिक निगरानी की मांग तेज हो गई है।
 

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Questions raised regarding safety arrangements at coaching institutes in Ranchi
राजधानी रांची के सर्कुलर रोड स्थित हरिओम टावर में निजी कोचिंग का हब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग हादसे के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना में कई छात्रों की मौत के बाद अभिभावकों और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। झारखंड की राजधानी रांची सहित हजारीबाग, जमशेदपुर और धनबाद में संचालित कई कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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रांची में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे कोचिंग संस्थान
रांची के लालपुर, कांटाटोली, सिरमटोली, सर्कुलर रोड और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें पढ़ने के लिए झारखंड के अलावा बिहार समेत अन्य राज्यों से भी छात्र आते हैं। आरोप है कि कई संस्थान संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के संचालित हो रहे हैं।
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इमरजेंसी एग्जिट और फायर सेफ्टी को लेकर सवाल
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि अधिकांश इमारतों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर क्षमता से अधिक छात्रों को एक ही कक्ष में बैठाया जाता है, जिससे किसी आपदा की स्थिति में भगदड़ और जनहानि का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पर्याप्त वेंटिलेशन, अग्निशमन यंत्र और फायर सेफ्टी मानकों की भी कमी देखने को मिलती है।
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सुरक्षा मानकों के अनुपालन की उठी मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते कोचिंग व्यवसाय के बीच सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और सख्त अनुपालन आवश्यक है। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और मानकों की समीक्षा की जानी चाहिए।

अभिभावकों ने सुरक्षा ऑडिट की मांग की
अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराए और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करे। उनका कहना है कि छात्रों की जान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।


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'सुरक्षा हमारी प्राथमिकता'
हालांकि, कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों का कहना है कि वे सुरक्षा संबंधी आवश्यक मानकों का पालन करते हैं और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। इसके बावजूद बढ़ती चिंताओं के बीच प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।

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