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Jharkhand: अब चमकेंगी गांवों की सड़कें, हर विधायक को मिलेंगे 15 करोड़ रुपये; तेजी से होंगे विकास कार्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 02:07 PM IST
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सार
झारखंड सरकार ग्रामीण सड़कों और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की तैयारी में है। ग्रामीण कार्य विभाग ने सभी विधायकों से नई सड़क और विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे हैं। प्रति विधायक 15 करोड़ रुपये तक की योजनाएं स्वीकृत होंगी और मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।
जर्जर सड़कों की मरम्मत होगी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने राज्य के सभी विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों में नई ग्रामीण सड़कों एवं अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए औपचारिक अनुशंसा भेजने का आग्रह किया है। इसके लिए विभागीय अभियंता लगातार जनप्रतिनिधियों और उनके प्रतिनिधियों से संपर्क कर क्षेत्र की प्राथमिकता वाली योजनाओं की सूची तैयार करने में जुटे हैं।
अनुशंसा आधारित योजनाओं की सीमा 15 करोड़ प्रति विधायक हुई
सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधायक अनुशंसा आधारित योजनाओं की सीमा बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये प्रति विधायक कर दी गई है। राज्य के 81 निर्वाचित और एक मनोनीत विधायक सहित कुल 82 विधायकों से उनके क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन योजनाओं में ग्रामीण सड़कें, संपर्क मार्ग, छोटी पुलिया तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल होंगी।
प्रस्तावों की तकनीकी जांच की जाएगी
विधायकों से प्राप्त प्रस्तावों की सबसे पहले तकनीकी जांच की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक योजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार की जाएगी, जिसमें सड़क की लंबाई, लागत अनुमान, गुणवत्ता मानक, भूमि की उपलब्धता और निर्माण तकनीक जैसे सभी पहलुओं का विस्तृत आकलन होगा। तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा
ग्रामीण कार्य विभाग का लक्ष्य बरसात के मौसम का उपयोग अधिकतम डीपीआर तैयार करने में करना है, ताकि मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराया जा सके। वहीं, खजरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेश कच्छप, खूंटी से राम सूर्या मुंडा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत जगहों पर नई सड़कों का निर्माण होना है और कई जर्जर सड़कों का फिर से जीर्णोद्धार का कार्य होना है। विधायकों का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, गांवों का सड़क संपर्क मजबूत होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरकार की इस पहल से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी बल मिलने की उम्मीद है।
अनुशंसा आधारित योजनाओं की सीमा 15 करोड़ प्रति विधायक हुई
सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधायक अनुशंसा आधारित योजनाओं की सीमा बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये प्रति विधायक कर दी गई है। राज्य के 81 निर्वाचित और एक मनोनीत विधायक सहित कुल 82 विधायकों से उनके क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन योजनाओं में ग्रामीण सड़कें, संपर्क मार्ग, छोटी पुलिया तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल होंगी।
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प्रस्तावों की तकनीकी जांच की जाएगी
विधायकों से प्राप्त प्रस्तावों की सबसे पहले तकनीकी जांच की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक योजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार की जाएगी, जिसमें सड़क की लंबाई, लागत अनुमान, गुणवत्ता मानक, भूमि की उपलब्धता और निर्माण तकनीक जैसे सभी पहलुओं का विस्तृत आकलन होगा। तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा
ग्रामीण कार्य विभाग का लक्ष्य बरसात के मौसम का उपयोग अधिकतम डीपीआर तैयार करने में करना है, ताकि मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराया जा सके। वहीं, खजरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेश कच्छप, खूंटी से राम सूर्या मुंडा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत जगहों पर नई सड़कों का निर्माण होना है और कई जर्जर सड़कों का फिर से जीर्णोद्धार का कार्य होना है। विधायकों का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, गांवों का सड़क संपर्क मजबूत होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरकार की इस पहल से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी बल मिलने की उम्मीद है।