JPSC-JSSC विवाद: छात्रों का आंदोलन 16वें दिन जारी, धरना स्थल पर पहुंचे सांसद संजय सेठ और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। सरकार से तीसरे दौर की वार्ता रविवार दोपहर प्रस्तावित है। छात्र परीक्षा रद्द, CBI जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग पर अड़े हैं।
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JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। छात्रों और राज्य सरकार के बीच अब तक दो दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी है। अब रविवार दोपहर 12 बजे तीसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है, जिससे आंदोलनरत छात्रों को समाधान की उम्मीद है।
पिछली वार्ता में सरकार ने छात्रों से JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा था। छात्रों का कहना है कि वे परीक्षा से संबंधित दस्तावेज और अपनी आपत्तियों के सभी प्रमाण सरकार को सौंप चुके हैं। अब उनकी नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा और CGL परीक्षा रद्द करना, JPSC-JSSC की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करना तथा पूरे मामले की CBI जांच कराना शामिल है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
इधर रविवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू समेत भाजपा के कई नेता धरनास्थल पहुंचे। उनके साथ भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, रांची की मेयर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार भी मौजूद रहे। नेताओं ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
संजय सेठ और आदित्य साहू ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि भाजपा उनकी लड़ाई में केंद्र से लेकर राज्य तक उनके साथ खड़ी है। संजय सेठ ने कहा कि भाजपा के सांसद लोकसभा और राज्यसभा में झारखंड के छात्रों की आवाज उठा रहे हैं। वहीं, विधानसभा के मानसून सत्र में भी पार्टी विधायक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उन्होंने 10 अगस्त को छात्रों द्वारा प्रस्तावित झारखंड विधानसभा घेराव को भी समर्थन देने की घोषणा की।
पढे़ं: छात्रों का सरकार पर हमला, बोले- हमे बांटने की साजिश; 10 अगस्त को विस मार्च की चेतावनी
संजय सेठ ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल वार्ता का दिखावा कर रही है और छात्रों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि अब केवल बातचीत नहीं, बल्कि छात्रों की मांग के अनुरूप CBI जांच के आदेश की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य सरकार CBI जांच से पीछे क्यों हट रही है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे सजा मिलनी चाहिए।
राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए संजय सेठ ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी काफी मुखर थे, लेकिन झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर उनका रुख उतना सक्रिय नहीं दिख रहा है। उन्होंने इसका कारण झारखंड में कांग्रेस समर्थित सरकार को बताया।
आगे क्या बोले?
उन्होंने कहा कि बच्चों की आँखों से आँसू बह रहे थे। ये सिर्फ विरोध कर रहे छात्रों के आंसू नहीं हैं, बल्कि झारखंड के लाखों छात्रों के आंसू हैं। इन आंसुओं की कीमत हेमंत सोरेन सरकार को चुकानी होगी। इन आंसुओं की कीमत झामुमो को चुकानी होगी। राहुल गांधी को मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें मुख्यमंत्री आवास के बाहर जाकर छात्रों के समर्थन में धरना देना चाहिए। उन्हें साफ तौर पर कहना चाहिए कि या तो झारखंड सरकार CBI जांच कराए या फिर वह इस सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे।