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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ram Mandir Donation Scam Champat Rai interference in temple management continues even after his resignation

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पद छोड़ा, पर अयोध्या नहीं, इस्तीफा के बाद भी मंदिर प्रबंधन में चंपत राय का दखल बरकरार

Sun, 09 Aug 2026 08:04 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 09 Aug 2026 08:04 AM IST
सार

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के खुलासे के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद  चंपत राय ने अयोध्या नहीं छोड़ी है। इस्तीफा के एक महीने बाद भी राय अयोध्या में ही जमे हुए हैं। मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई मामलों में कुछ सदस्य अब भी चंपत से राय-मशवरा कर रहे हैं।

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Ram Mandir Donation Scam Champat Rai interference in temple management continues even after his resignation
Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिए करीब एक महीना हो गया है, लेकिन चंपत राय अब भी अयोध्या में ही हैं। पद पर नहीं होने के बावजूद मंदिर प्रबंधन से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता कम नहीं हुई है। ट्रस्ट के कई सदस्य अब भी उनसे मुलाकात कर राय-मशवरा कर रहे हैं। 
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सूत्रों के मुताबिक अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन भी लगातार चंपत राय के संपर्क में हैं। सूत्रों का कहना है कि मंदिर प्रबंधन के कई मामलों में कृष्ण मोहन चंपत राय से सलाह लेते हैं। उनकी सलाह के आधार पर ही आगे की कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से चंपत राय की मौजूदा भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। 
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हां ये जरूर है कि वह मंदिर नहीं गए हैं। विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा भी अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने भी चंपत राय से मुलाकात की। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद के लिए बजरंग लाल बांगड़ा का नाम भी चर्चा में है। ऐसे में उनकी चंपत राय से मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
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क्लीनचिट मिलने की पूरी उम्मीद
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में चंपत राय के नाम का कहीं जिक्र नहीं था। हां ये जरूर लिखा था कि ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद चंपत राय को क्लीनचिट मिल सकती है। चंपत राय को भी इसकी पूरी उम्मीद है। कुछ करीबियों से उन्होंने इसकी चर्चा भी की है।

नए महासचिव के नाम पर मंथन
ट्रस्ट में नए महासचिव के नाम को लेकर भी मंथन चल रहा है। बजरंग लाल बांगड़ा का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। उनका अयोध्या पहुंचना और चंपत राय से मुलाकात करना इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल चंपत राय की अयोध्या में मौजूदगी और ट्रस्ट के लोगों से उनकी मुलाकातों ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि पद छोड़ने के बाद भी मंदिर प्रबंधन में उनकी भूमिका कितनी रह गई है।
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