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NHAI: हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल, 60 फीसदी शिकायतें बढ़ीं; एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत
Sun, 09 Aug 2026 09:03 AM IST
Bhupendra Singh
अजित बिसारिया, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अजित बिसारिया, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sun, 09 Aug 2026 09:03 AM IST
सार
हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा व राजस्थान में भी सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो हुए। वर्ष 2025-26 में हाईवे की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत का उछाल आया है। एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत समझ में आ रही है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का होता काम।
- फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी.
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विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में बड़ी सर्जरी की जरूरत है। यूपी में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जगह-जगह धंसने की कोई इकलौती घटना नहीं है। महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा व राजस्थान में भी हाईवे की गंभीर रूप से खराब गुणवत्ता के सवाल उठ चुके हैं। स्थिति यह है कि राज्यसभा में रखी गई एक लिखित रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राजमार्गों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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जुलाई में पुणे-बेंगलूरू नेशनल हाईवे (एनएच-24) पर कर्नाटक में निप्पानी शहर के पास दीवार ही ढह गई। इसके बाद एनएचएआई को अपने कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी करनी पड़ी। इसी साल मार्च में पश्चिम बंगाल में पूर्वी वर्धमान में एनएच-19 के फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल (दीवार) भी ढह गई थी।
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जल निकासी सिस्टम का सही प्रबंध नहीं
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान डाट काली सुरंग और पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी धंसने, भूस्खलन और सुरक्षा मानकों में अनदेखी के मुद्दे सामने आए। अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे में डामर की खराब गुणवत्ता, कई हिस्सों में दरारें आने और जल निकासी सिस्टम का सही प्रबंध न होने की शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।इसी तरह से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ खंडों में उद्घाटन के कुछ समय बाद ही सड़क धंसने, दरारें पड़ने और भारी वाहनों के दबाव से गड्ढे बनने के मामले सामने आ चुके हैं। केरलम और बिहार में भी फ्लाईओवर व पुलों के निर्माण में इस तरह की दिक्कतें देखी गईं। सूत्रों का कहना है कि बरेली-सीतापुर रोड पर पिछले कुछ समय में बने फ्लाईओवर व पुलों की जांच करा ली जाए तो असलियत सामने आते देर नहीं लगेगी।
हाईवे निर्माण पर 3900 करोड़ रुपये खर्च
कुछ समय पहले ही इंदौर से एदलाबाद तक बन रहे नेशनल हाईवे (भारतमाला परियोजना) पर खरगोन जिले के बासवां गांव के पास खिरकिया नदी पर नवनिर्मित ब्रिज धंस गया। स्थिति का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि इस हाईवे के निर्माण पर 3900 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।ओडिशा में संबलपुर-कटक राष्ट्रीय राजमार्ग के आंशिक हिस्से और फ्लाईओवर के धंसने का मामला भी हाल ही में सामने आ चुका है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश में पेंच टाइगर रिजर्व में बने देश के पहले साउंड और लाइट प्रूफ हाईवे में भी बड़ी दिक्कतें सामने आ चुकी हैं। राजस्थान के सांचौर में एनएच-68 पर 270 करोड़ लागत वाले एलिवेटेड पुल में दरारों की समस्या आ चुकी है।