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Quiet Quitting: खराब माहौल ही नहीं, कर्मचारी का स्वभाव भी क्वाइट क्विटिंग की वजह, एमएनएनआईटी के शोध में खुलासा

मयंक श्रीवास्तव Published by: Akash Kumar Updated Mon, 01 Jun 2026 08:06 PM IST
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सार

Quiet Quitting: एमएनएनआईटी के शोध के अनुसार, 'क्वाइट क्विटिंग' (सिर्फ नौकरी बचाने जितना काम करना) के लिए केवल खराब माहौल नहीं, बल्कि कर्मचारी का स्वभाव भी जिम्मेदार है। नार्सिसिज्म और साइकोपैथी लक्षणों वाले कर्मियों में यह प्रवृत्ति अधिक पाई जाती है।
 

Quiet Quitting Study: Employee Personality Traits and Bad Work Culture Driven Secrets Revealed by MNNIT
नार्सिसिज्म और साइकोपैथी लक्षणों वाले कर्मियों में यह प्रवृत्ति अधिक पाई जाती है। - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

Quiet Quitting Study: अक्सर देखा जाता है कि ऑफिस में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो समय पर आते हैं। अपना जरूरी काम पूरा करते हैं लेकिन इससे ज्यादा कुछ करने की इच्छा नहीं दिखाते। ऐसे लोगों में नई जिम्मेदारी लेने का उत्साह नहीं रहता और न ही संगठन के लिए कुछ कर दिखाने की तत्परता होती है। कार्यस्थलों पर तेजी से बढ़ रही इस प्रवृत्ति को क्वाइट क्विटिंग कहा जाता है।

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एक नये शोध में यह दावा किया गया है कि इसके लिए केवल काम का दबाव या खराब माहौल ही नहीं बल्कि कर्मी का व्यक्तित्व भी जिम्मेदार है। एक्टा साइकोलॉजिका पत्रिका (अंतरराष्ट्रीय) में प्रकाशित यह शोध मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) की प्रो. तृप्ति सिंह और हनफिया रहमान ने किया है।

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इन लोगों में ज्यादा दिखी यह प्रवृत्ति

जिन लोगों में नार्सिसिज्म और साइकोपैथी व्यक्तित्व वाले लक्षण अधिक होते हैं, उनमें क्वाइट क्विटिंग की संभावना और भी ज्यादा होती है। नार्सिसिस्ट व्यक्ति खुद को दूसरों से अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं। जबकि साइकोपैथी से जुड़े लोग अक्सर दूसरों की भावनाओं और जरूरतों के प्रति कम संवेदनशील होते हैं।

शोध के मुताबिक ऐसे लोगों में विशेष अधिकार पाने की भावना बढ़ जाती है। वे अपने व्यवहार के नैतिक प्रभावों को नजरअंदाज करने लगते हैं। यही प्रवृत्ति उन्हें संगठन से भावनात्मक रूप से दूर कर सकती है। यह शोध भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 402 वरिष्ठ प्रबंधकों पर किया गया है। इसमें आईटी, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र के पेशेवर शामिल हैं।

शोध में नार्सिसिज्म और साइकोपैथी का क्वाइट क्विटिंग से संबंध मिला। वहीं मैकियावेलियनिज्म (सफलता या अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए छल-कपट, धोखेबाजी और अनैतिक साधनों का उपयोग करना पूरी तरह जायज मानना) से इसका कोई खास संबंध नहीं पाया गया।

कंपनियों को यह करना चाहिए

  • कर्मचारियों के व्यवहार पर नजर रखें, उनसे नियमित संवाद किया जाए और उनके फीडबैक को बढ़ावा देना चाहिए।
  • नैतिक मूल्यों से जुड़ा प्रशिक्षण दें, सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करें व्यक्तित्व मूल्यांकन को महत्व दें।

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क्या है क्वाइट क्विटिंग?

क्वाइट क्विटिंग का मतलब नौकरी छोड़ना नहीं, बल्कि सिर्फ उतना ही काम करना है जितना नौकरी के लिए जरूरी हो। इसमें कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां तो निभाते हैं लेकिन नए प्रयास या अतिरिक्त जिम्मेदारी से बचते हैं।

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