यही बात रह गई हमारी गोपन कथाओं को सब से बतलाओगी
मैं तुझे से दूर नहीं हु मगर ये बतलाओ तुम मेरे पास कब आओगी
अब तो रख दिया अपना शीश तेरी कदमों में
अब कहो ना आखिर कब तक ऐसे ही रुलाओगी
तेरी अनकही बातों को सुन उस...और पढ़ें
कुछ एक लोग समझते आसान हैं जिन्दगी।
परिस्थितियाँ बदलने से परेशान है जिन्दगी।।
कोई नही देखता दिल में कितना सैलाब है।
मासूम दिल भटकने से अनजान है जिन्दगी।।
मोहब्बत मर्यादा में रहकर सुख शांति देती।
ज़मान...और पढ़ें
अभी अभी बिछड़ा हैं तू ही शायद किसी रोज़ हमें भूल जाएगा यादों के मंजर में गुमनाम कर जाएगा
घर से जब भी निकलूं चिराग उम्मीदों का साथ लेकर चलूं क्या पता नसीब ही बदनाम कर जायेगा
इतने दिन हुए तुमसे बिछड़े हुए गर मिलने की सूरत कोई नज़र आई तो त...और पढ़ें
कसम खाकर भी झूठे हैं यह दिल तोड़ने वाले
यह लोग हैं बहाने से छोड़ने वाले।
बदनाम कर रखा है यूं ही मोहब्बत को
यह मोहब्बत नहीं करते जिस्मों को चाहने वाल l
वफ़ा की आड़ लेकर साफ़ वादे मोड़ने वाले,
कहाँ मिल...और पढ़ें
ख्यालों में गरिमा होगी उसका हिसाब देखेंगे।
कुछ दिन और गुजर जाने दो बेहिसाब देखेंगे।।
हर घर के दर्द निराले मगर दवा सभी की एक।
दवाई से दूरी बनाते चिड़चिड़ाते जनाब देखेंगे।।
अब न किराये की फिक्र होगी न जरूरतें...और पढ़ें
मोहब्बत में तनकर कोई कुछ भी कहता रहे।
शर्तिया 'उपदेश' दोनों तरफ ही नुकसान था।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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अपने ही फ़ैसले पर अमल आसान न था।
बेरुखी से बेहद उनका दिमाग परेशान था।।
हकीकत में तन्हा हो कर आँसू बहाए होंगे।
बाहर से मुलायम अन्दर में गहरा निशान था।।
मोहब्बत में तनकर कोई कुछ भी कहता रहे।
शर्तिया दो...और पढ़ें
जीवन में और भी हैं काम करने को,
हम पैदा नहीं हुए सिर्फ़ नाम करने को।
ताल्लुक़ है आपसे तो फ़िक्र है आपकी,
वरना कौन बैठा है यूँ सलाम करने को।
हर शख़्स यहाँ अपनी कहानी में उलझा है,
किसके पास वक़्त है कि...और पढ़ें
हमारी तो यूँ ही कट जाएँगी ज़िंदगी की रातें,
तुम्हारे महल तुम्हें मुबारक हों।
ख़्वाब तो थे चाँद-सितारों को पाने के,
मगर ज़िंदगी के सफ़र में ज़मीं भी मयस्सर न हुई।
हज़ार गिले-शिकवे हैं तुझसे, ऐ ज़िंदगी,
फिर भी तुझसे म...और पढ़ें
अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली ...और पढ़ें