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                                                                           आज़ादी के वहम में कैदी यह ख़ुशनुमा,
सोने की ज़ंजीरों को समझ आभूषण,
बंधनों को सजाता, करता उनका रूमीकरण,
मगर है यह ग़ुलाम भीतरी इच्छाओं का,
कुछ वासनाओं ने किया स्वतंत्रता का हरण।

ऊँचाइयाँ छू कर भी तवज्जो का मु...और पढ़ें
1 minute ago
                                                                           दोस्ती कोई रिश्ता नहीं, एक रूहानी एहसास है,
जो हर धड़कन में बसा हुआ एक ख़ामोश सा राज़ है।

ये ख़ून का बंधन नहीं, फिर भी सबसे क़रीब होता है,
हर दर्द में, हर ख़ुशी में दिल का हबीब होता है।

फ़ासले चाहे कितने भी...और पढ़ें
5 minutes ago
                                                                           तेरी बाहों में आकर खुद को तेरी बाहों में सौप कर खुद को पूरी तरह खोने के पहले,
शरीर मन बुद्धि और आत्मा से तेरे शरीर मन बुद्धि और आत्मा का पूर्ण रूप से होने के पहले,
दूर तुझसे तेरे इश्क में अकेला तन्हा न सिर्फ कभी पुरी रात रात तुझको सपनों...और पढ़ें
16 minutes ago
                                                                           ♥️प्यार का इकरार ♥️
प्यार का इकरार करे तू,यही मेरी ख्वाहिश थी I
साथ हो हर जन्म में,बस इतनी सी गुज़ारिश थी II

तेरा हाथ थामे चलूँ,बस यही आरज़ू हो मेरी I
हर जन्म में मोहब्बत,सिर्फ़ तेरे ही रूबरू हो मेरी II
...और पढ़ें
21 minutes ago
                                                                           याद रखो तो मुस्कुरा देंगे,
भूल जाओ तो भी दुआ देंगे।
हमने मोहब्बत सौदे में नहीं की,
तुम जो दोगे, वही ख़ुदा की रज़ा समझ लेंगे।
-विजय बिंदास राजा...और पढ़ें
23 minutes ago
                                                                           
गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं काँटों से भी ज़ीनत होती है
जीने के लिए इस दुनिया में ग़म की भी ज़रूरत होती है

हर शाम-ओ-सहर क़ुर्बां जिस पर दुनिया-ए-मसर्रत होती है
वो पैकर-ए-राहत क्या जाने कैसी शब-ए-फ़ुर्क़त होती है...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           
जो ग़ैर थे वो इसी बात पर हमारे हुए
कि हम से दोस्त बहुत बे-ख़बर हमारे हुए

किसे ख़बर वो मोहब्बत थी या रक़ाबत थी
बहुत से लोग तुझे देख कर हमारे हुए

अब इक हुजूम-ए-शिकस्ता-दिलाँ है साथ अपने
जिन्हें...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली ...और पढ़ें
                                                
7 hours ago
                                                                           मन तो करता तुम्हें गले लगाने को।
तुम्हारे ऊपर सारी खुशी लुटाने को।।

क्या मोहब्बत है हमारी किस्मत है।
तुमने साथ दिया जिन्दगी निभाने को।।

अब एक दूजे को समझने के दिन गए।
बचे हैं कुछ बेहतरीन पल बिताने को...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           तलब मिटाने के बाद करवट बदल लेते हैं मर्द।
मोहब्बत इसी का नाम 'उपदेश' दर्द देते हैं मर्द।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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1 day ago
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