"फूलों की खुशबू तक पहुँचने का रास्ता
अक्सर कांटों से होकर जाता है,
फूलों की चाहत ऐसी हुई कि
अब कांटों से भी मोहब्बत हो गई... "
-संजय श्रीवास्तवऔर पढ़ें
हर और जुमलों का यह संसार था,
पूछता हूं मैं, इस जुमलों के संसार से
कहीं मोहब्बत की दुकान,
तो कहीं इश्क की दुकान,
तो कहीं प्रेम की दुकान, तो कहीं झुठे दिखावेपन की दुकान तो कहीं नफरत की दुकान,
इन जुमलों के तराजू में जु...और पढ़ें
रूठना बिछड़ना दोनों अलग शै है मियां
तुम रूठ तो जाते हो अक्सर
मगर बिछड़ने की सोचते नहीं
हम तुम्हारी इस अदा पर कुर्बान हैं मियां
जो रूठ गया उसे मनाया जा सकता है
बिछुड़े से मिलना मगर मुश्किल है मियां
इस...और पढ़ें
दिलरुबा.
ये उम्र का दायरा है,
कभी दौर हमारा भी था...
गली, मोहल्ले, नुक्कड़ पे,
शोर हमारा भी था...
मोहब्बत हमें भी किसी से,
पहली बार हुई थी...
हमारी भी किसी से,
पहली मुलाकात हुई थीऔर पढ़ें
तेरी मोहब्बत ने मुझको मुरीद बना दिया,
सूखे इस दिल को भी नवनीत बना दिया।।
तेरी नज़र की एक झलक क्या मिली हमें,
हर ख्वाब को तूने आज हकीकत बना दिया।।
तेरे लबों की मुस्कान जब दिल में उतर गई,
ग़म के अंधेरो...और पढ़ें
दिल लगाना न सही,
तुम्हारा हाथ मिलाना ही काफी है।
तुम हो नहीं सकती मेरी,
मगर तुम्हारे होने का एहसास ही काफी है।
बेशक न देखूँ तुम्हारे चेहरे की तरफ,
तुम्हारे कदमों में मेरा झुकना ही काफी है।
बेशक न बनूँ...और पढ़ें
सोचूं की नंगें पांव क्यूं
निकली जहान में।
बिख़रा रखें थे कांटे
नियति ने राह में।।
किस ओर से गुज़रू जो
मिले राह मखमली।
मिलेगी सुकून किस की
पलकों की छांव में।।
मिली बातें मीठी-मीठी दिल
कड़व...और पढ़ें
मैंने तेरे यादों से ही सजाए हैं मोहब्बत की दीवार,
हर धड़कन ने चुपके से उठाई मोहब्बत की दीवार।।
नफ़रत की बहती हवाओं ने बहुत जोर लगाया मगर,
वफ़ा की मजबूत ईंटों से टिकाई मोहब्बत की दीवार।।
जब कभी दर्द के साये...और पढ़ें
मोहब्बत के रंग में मोहे रंग दे ओ रंगरेज,
सूने दिल में नया उमंग भर दे ओ रंगरेज।।
फीकी पड़ी है ज़िंदगी के हर इक डोर को ,
मेरे चाहत का मधुर संग दे ओ रंगरेज।।
राहों में बिखरी दिखते तन्हाई की परछाइयाँ,
जी...और पढ़ें
तेरी आँखों में जो ठहरा है वो समंदर होगा,
मेरे हिस्से का भी शायद कोई मंज़र होगा।
मैंने चाहा है तुझे दिल की इबादत की तरह,
वरना दुनिया में मोहब्बत का भी क्या घर होगा।
— अजीत पड़वार...और पढ़ें