जो तू साथ हो मेरे
तुझे संभालूँगी
तुझे अपने एक रंग में ढालूँगी
जिस दिन तू मेरा होगा
चीख़ूँगी, चिल्लाऊँगी
या बस शांत ही हल्का सा मुस्कुराऊँगी
जो तू साथ हो मेरे
ज़िन्दगी हसीन बन जाएगी
तू शाह जहाँ ह...और पढ़ें
कुछ चीज़ों का खोना बहुत जरूरी हैं,
रातों को चैन से सोना बहुत जरूरी हैं,
यार जब उसे गम नहीं हैं जुदाई का,
हमारा भी बेफिक्र होना बहुत जरूरी हैं,
प्यार, इश्क, मोहब्बत सब धोखा हैं,
इस धोखे पर ना ही रोना बहुत जरूरी हैं...और पढ़ें
ख़ता में सज़ा नहीं, प्यार देना चाहिए,
टूटते हौसलों को थोड़ा सहारा देना चाहिए।
इंसान ही तो है, पत्थर नहीं कोई,
गिर जाए जो राह में, उसे उठाना चाहिए।
नफ़रत से ज़ख़्म गहरे हो जाते हैं,
मोहब्बत से हर दर्द का इलाज़ होता ह...और पढ़ें
आगे की दुनियां में बढ़ रहा हूँ मैं।
पीछे बोहोत कुछ छोड़ रहा हूँ मैं।
नया सवेरा, नई रात।
के लिए तत्पर तैयारी कर रहा हूँ मैं।
हो गया प्यार, होगयी मोहब्बत,
अब ज़मीन से ज़मीन नाप रहा हूँ मैं।
अब क़यामत लिख रहा हू...और पढ़ें
किसी को पाने की ज़िद्द करना अच्छी बात नहीं।
जो ना हो नसीब में।
उसे वहीं छोड़ आगे बढ़ने में समझदारी है।
मैं चाहता हूँ उसे।
ये कहने से पहले।
खुदसे मोहब्बत करना जरूरी है।
किसी के लिए जान देना तो ठीक है मग़र।...और पढ़ें
तुम्हारा दिल मेरा भगवान है
तुम्हारी जिंदगी ही मेरी जान है
मैं मुसाफिर हुस्न की गलियों का
तू मोहब्बत की खान है
तुम्हारे नयन के खेतों से प्रिए
मेरी सांसों की पहचान है
तेरे वादों की बहारें हैं
मेरी वफा की...और पढ़ें
मेरा नुकसान हो, तो भी चलेगा।
मग़र उसका फायदा होना चाहिए।
कुदरत का एक ऐसा भी कायदा होना चाहिए।
मैं चल पड़ूं अकेला मेरी मंज़िल की ओर।
कोई मेरा घर पर इंतज़ार करे दिल लगा कर।
ऐसा होना चाहिए।
मैंने छोड़ दी है जीतने...और पढ़ें
होगया हूँ बंजर जमीन जैसा।
मुझे झमझमाती बारिश का तोहफा चाहिए।
मुझमें बाकी नहीं अब कोई हुनर रहा।
खुदा की क़ुर्बत चाहिए।
मुझमें सिर्फ़ नफ़रत की आग है।
लोग कहते हैं मुझे मोहब्बत की प्यास चाहिए।
मुझमें पढ़ाई लिखाई...और पढ़ें
सुना है खुदा के दरबार से कुछ फरिश्ते फरार हो गए,
कुछ तो वापस लौट गए और कुछ हमारे यार हो गए।
वो आए थे बनकर अजनबी मेरी वीरान दुनिया में,
देखते ही देखते वो मेरी खुशियों के हकदार हो गए।
दुनिया ढूंढती रही जिन्हे...और पढ़ें
क़िस्मत ने गर मिला दिया, इक दिन मिल जाएंगे,
टूटे हुए तमाम ख़्वाब हक़ीक़त में बदल जाएंगे।
फिर पलट कर आएगा इक दिन मौसम-ए-बहार,
दिल के वीरान पड़े गुलशन में फूल खिल जाएंगे।
गुम रहा करते हम जिसके तसव्वुर में...और पढ़ें