कभी अनजाने में जो टकरा जाऊँ,
नज़रे मत टकराने देना,
कभी आवाज़ दूँ जो मुड़कर पीछे,
तुम आवाज़ पीछे मुड़कर सुन मत लेना,
कभी इंतज़ार करते-करते कोई याद आ जाए,
तो याद कर लेना, ये गुमान न करना,
कि वह शख्स भी लौट आएगा...और पढ़ें
तेरा अक्स है मिलता हु- ब - हु मेरे ख्वाबों की तस्वीर से
राबता तुझसे वो जुड़ा, जो जुड़ता है तक़दीर से।
चांद भी रोशन हो जाए तेरी आंखों में वो नूर है
तू तसव्वुर है मेरा, तू एक सराब है
तभी तो दिल के क़रीब पर नज़रो से दूर है।...और पढ़ें
कही दूर
किसी समंदर
के किसी सुराख़ में
जाओ जाकर
दफ़न कर दो
अपनी नफ़रत
आज हर इन्सान
की वाजिब
है ज़रूरत
इस संसार
में फैला दो
मोहब्बत...और पढ़ें
ग़मों ने ये बदसूरती दे दी हमें,
ज़िंदगी न दी ये कैसी ज़िंदगी दे दी हमें।
ज़माने की रुसवाइयों ने डराया मुझे,
फिर ज़माने ने दी बे-दिली हमें।
जलने के अंजाम से उम्र बचते रहे ,
दिल जला तब मिली है ये रोशनी...और पढ़ें
कभी आबाद था बचपन माँ-पापा की मोहब्बत से
लबालब थी तहें माज़ी की खुशियों की ही दौलत से
झरोखों में भी माज़ी के सुहाना लगता है वो वक़्त
हमारी ज़िद भी पूरी होती थी, रहते थे राहत से
उठाते अश्कों को जो पलकों पर अप...और पढ़ें
ग़मों ने ये बदसूरती दे दी हमें,
ज़िंदगी न दी ये कैसी ज़िंदगी दे दी हमें।
तमाशों के खौफ ने डराया हमें,
फिर ज़माने ने दी ये बे-दिली हमें।
जलने के अंजाम से उम्र बचते रहे ,
दिल जला तब मिली है ये रोशनी हम...और पढ़ें
बहुत रोया बहुत तड़पा, मोहब्बत की कहानी पर,
लिखा है ख़ून से अपना, पता रेत-ए-रवानी पर।
तुम्हें कैसे मैं ग़म देता, कभी तुम दिल हमारे थे,
मैं ख़ुद ही ज़हर पीता हूँ, तुम्हारी मेहरबानी पर।
कलेजा चीर देती है, त...और पढ़ें
ज़िंदगी की धूप भी हमारी है छाँव भी हमारी है,
हर चीज़ में दोनों की बराबर की हिस्से-दारी है।
हर मौसम में है गुलज़ार हमारे दिल का चमन,
आमद-ए-फ़स्ल-ए-बहाराँ मुसलसल जारी है।
हमने मिल के बसाई है ये बस्ती मोह...और पढ़ें
कहते है कोशिश करने वालों की हार नही होती।
एक तरफा मोहब्बत 'उपदेश' बार बार नही होती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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उनके पीछे हूँ बखूबी उनको पता।
मसला फ़ंसा है वो भी उनको पता।।
एक मोड़ पर तस्लीम हुई मोहब्बत।
कोई और जगह बनाने में लगा पता।।
एक वक्त में दो नाव पर सवार होना।
खयाली पुलाव लगता उनको पता।।
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