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Samwad 2026: 'अगर कानून और अकाउंटिंग पढ़ ली होती...' हरपाल सिंह सोखी ने सुनाया संघर्ष का किस्सा

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivani Awasthi Updated Tue, 19 May 2026 01:30 PM IST
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सार

UP samwad 2026:हरपाल सिंह सोखी ने बताया कि होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान कई विषय ऐसे थे, जिनकी उपयोगिता उस समय समझ नहीं आती थी। उन्हें लगता था कि खाना बनाने के लिए भाषा सीखने, बिजनेस समझने या अन्य विषयों को पढ़ने की क्या आवश्यकता है।

Amar Ujala Samwad 2026 Why Harpal Singh Sokhi Regrets Not Studying Business and Accounting Seriously
हरपाल सिंह सोखी - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अमर उजाला संवाद लखनऊ 2026 के दूसरे दिन कार्यक्रम का माहौल स्वाद, संघर्ष और सफलता के रंगों से सराबोर नजर आया। इस दौरान प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अपने खास अंदाज में जिंदगी, शिक्षा और खानपान से जुड़े अनुभव साझा किए। उनकी बातों ने न केवल युवाओं को प्रेरित किया, बल्कि यह भी बताया कि सफलता के लिए केवल हुनर ही नहीं, बल्कि सही शिक्षा और नवाचार भी जरूरी हैं।



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हर इंसान के लिए शिक्षा जरूरी


कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि एक शेफ के लिए पढ़ा-लिखा होना कितना जरूरी है, तो उन्होंने कहा कि हर इंसान को शिक्षित होना चाहिए। हर नागरिक में समझ होना जरूरी है कि क्या सही है और क्या गलत।

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उन्होंने बताया कि होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान कई विषय ऐसे थे, जिनकी उपयोगिता उस समय समझ नहीं आती थी। उन्हें लगता था कि खाना बनाने के लिए भाषा सीखने, बिजनेस समझने या अन्य विषयों को पढ़ने की क्या आवश्यकता है। हालांकि, आज अनुभव के साथ उन्हें एहसास होता है कि हर विषय की अपनी अहमियत होती है।

सोखी ने कहा कि अगर उन्होंने उन विषयों को और गंभीरता से पढ़ा होता, तो शायद वह एक बेहतर उद्यमी बन पाते।


पढ़ाई बोझ नहीं, मजेदार होनी चाहिए


उन्होंने आगे कहा कि होटल मैनेजमेंट में कई तरह के विषय पढ़ाए जाते हैं। साइंस के छात्र होने के कारण उन्हें उस समय लगता था कि इतने सारे विषयों की आवश्यकता क्यों है। लेकिन आज, बतौर उद्यमी, उन्हें महसूस होता है कि यदि कानून और अकाउंटिंग जैसे विषयों को बेहतर ढंग से पढ़ा होता, तो व्यवसाय और हिसाब-किताब को अधिक अच्छी तरह समझ पाते।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना था कि जब हम युवा होते हैं, तब कई चीजें हमें समझ नहीं आतीं। शिक्षा व्यवस्था को उत्साहजनक बनाने के बजाय अक्सर बोझिल बना दिया जाता है। यही वजह है कि छात्रों की रुचि पढ़ाई में कम होने लगती है।

उन्होंने कहा, “पढ़ाई जितनी मजेदार होगी, उतनी ही लंबे समय तक जेहन में याद रहेगी।”


खाने में नवाचार जरूरी


एक्सपेरिमेंटल और फ्यूजन फूड को लेकर हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि नए प्रयोग करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि कौन-सी चीज कहां पसंद की जाने लगे, यह कोई नहीं जानता। अगर किसी नए फूड कॉम्बिनेशन का स्वाद अच्छा है और वह स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है, तो उसे बेहतरीन माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग हमेशा कुछ नया खाना और अनुभव करना चाहते हैं। यही वजह है कि खानपान की दुनिया में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं। उनके मुताबिक, स्ट्रीट फूड विक्रेता सबसे ज्यादा इनोवेटिव होते हैं और नए प्रयोगों से ही नए स्वाद और व्यंजन सामने आते हैं।

सोखी ने कहा कि अगर नवाचार नहीं किया जाएगा, तो आगे बढ़ना संभव नहीं होगा। नए प्रयोग ही खानपान की दुनिया को लगातार समृद्ध और रोचक बनाते हैं।

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